गौरेला इलाके में शासकीय भवन निर्माणकार्य में ठेकेदार के द्वारा लोगो की जान जोखिम में डालते हुए चोरी की बिजली का उपयोग किये जाने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को होने पर उन्होंने दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया है।
पूरा मामला गौरेला के लालपुर गांव का है जहां पर हाई स्कूल परिसर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा आयुर्वेद हॉस्पिटल के भवन का निर्माण कराया जा रहा है जिसका निर्माणकार्य का जिम्मा अग्रवाल कंस्ट्रक्शन को दिया गया है जहां पर ठेकेदार अरुण अग्रवाल बंटी के द्वारा नियम कानून ताक पर रखते हुए लोगो की जान जोखिम में डालते हुए भवन निर्माण कार्य में महीनों से चोरी की बिजली का उपयोग किया जा रहा ठेकेदार अरुण अग्रवाल बंटी के द्वारा दबंगई दिखाते हुए भवन निर्माण स्थल के पास से स्थित सीधी बिजली सप्लाई से लुप्पी मारकर कुए में पम्प लगाकर पानी निकालकर उससे भवन निर्माण किया जा रहा है इतना ही नही भवन निर्माण में छड़ को काटने के लिए भी ठेकेदार के द्वारा सीधी बिजली सप्लाई से लुप्पी से कनेक्शन खीच कर बिजली का उपयोग किया जा रहा है बिजली के तार को खंबे से सीधे आंगनबाड़ी भवन की छत पर लाया गया है जिससे ऐसा लगे की बिजली आंगनबाड़ी भवन में ले जाई गई है मामले की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने बिजली विभाग के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के जवाबदार अधिकारियों को दी गई पर उनके द्वारा ठेकेदार के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नही की गई ग्रामीणों की माने तो ठेकेदार के द्वारा सीधे बिजली की लाइन से कनेक्शन लेकर जमीन में फैलाकर काम कराया जाता है जो अभी बरसात के समय घातक साबित हो सकता है यहां पर गांव के लोगो और बच्चो के साथ मजदूर भी आना जाना करते है बड़ी घटना हो सकती है।।। हालांकि मीडिया के द्वारा जब बिजली विभाग के उच्चअधिकारियों का ध्यान आकर्षण कराया गया तब उन्होंने कहा कि उन्हें जैसे ही सूचना मिली उन्होंने अपने कर्मचारियों को मौके के लिए रवाना कर दिया है और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की बात कही गई है सूचना देने के बाद देर से पहुंचे बिजली विभाग के जे ई उनके आने के पूर्व ही ठेकेदार के द्वारा बिजली के तार एवं भवन निर्माण के उपयोग मैं आने वाले सरिया काटने का कटर टूल्लू पंप एवं खंबे से खींचा गया बिजली का तार गायब कर दिया,ठेकेदार के साथ बिजली विभाग के कर्मचारियों की भी मिलीभगत की आशंका नजर आ रही है।
इस मामले के संबंध में जब ठेकेदार के मेट नी ल गुर्जर ने बताया टीसी कनेक्शन के लिए 15 दिन पहले आवेदन दिया जा चुका है परंतु कनेक्शन नहीं मिला।
सी बी एस राठौर डी ई बिजली विभाग पेंड्रारोड़
सूचना मिलते ही जे ई को मौके पर भेजा गया परंतु कोई भी उपकरण वहां मौजूद नहीं था टीसी कनेक्शन विभाग के द्वारा आवेदन आने पर 2 घंटे में ही दे दिया जाता है इसी तरह का कोई आवेदन नहीं आया है टेंपरेरी कनेक्शन के लिए।
