कोरिया / जमीन धोखाधड़ी के आरोपी बैकुंठपुर के जिस बिल्डर को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है उससे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मतलब आरएसएस का ऐसा प्रेम कि हाल ही में उसे अनुशांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच का अभियान प्रमुख का दायित्व दे दिया गया है। जब इस बात की जानकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं को लगी तो उन्होने आक्रोश व्यक्त करते हुए इसकी शिकायत प्रांत स्तर पर किये जाने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में आरएसएस के अनुशांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत इकाई द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जिला संयोजक, सह संयोजक स्वदेशी स्वावलंबन अभियान प्रमुख, सह प्रमुख की नियुक्ति की गई है। जिसके तहत कोरिया जिले में संयोजक मनोज त्रिपाठी, सह संयोजक रितेश सिंह व अभियान प्रमुख संजय अग्रवाल, सह प्रमुख रजनीश तिवारी को बनाया गया है। यहां जिस संजय अग्रवाल की नियुक्ति अभियान प्रमुख के पद पर की गई है वह स्थानीय बिल्डर हैं तथा जमीन धोखाधड़ी के आरोप में उन्हे कोतवाली पुलिस ने लगभग 25 दिन पूर्व गिरफ्तार किया था और वह अभी भी जिला जेल में बंदी है। उक्त नियुक्ति की जानकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं को मिलते ही उनमें आक्रोश पनप गया है और सभी ने इस नियुक्ति के पीछे स्थानीय स्तर पर आरएसएस के लिए काम कर रहे एक जिम्मेदार पदाधिकारी पर सांठगांठ करने का आरोप लगाया है। स्थानीय कार्यकर्ताओ का कहना है कि बिल्डर संजय अग्रवाल की छवि इन दिनों एक अपराधी प्रवृत्ति की बनी हुई है उनके विरूद्व कोतवाली बैकुंठपुर में अनेक धाराओं के तहत मामला पंजीबद्व है जिसमें कि अपरहण, धोखाधड़ी और एसटीएससी एक्ट की धाराएं तक शामिल है। कार्यकर्ताओं को कहना है कि संगीन धाराओं के अपराधी को इस तरह आरएसएस के रास्ते पार्टी में पिछले दरवाजे से प्रवेश दिलाने का षडयंत्र स्थानीय जिम्मेदार पदाधिकारी के द्वारा किया जा रहा है, उक्त पदाधिकारी द्वारा प्रांत स्तर के पदाधिकारियों को बिल्डर की छवि छिपाकर जिम्मेदार पदों पर बैठाया जा रहा है जिसमें कि उक्त पदाधिकारी का व्यक्गित स्वार्थ झलक रहा है। आरएसएस के माध्यम से पार्टी में प्रवेश दिलाने से पार्टी व संघ की छवि भी धुमिल हो रही है क्योकि प्रांत स्तर के पदाधिकारियों को बिल्डर के द्वारा किये गये कृत्यों की जानकारी नही दी जाती है । कार्यकर्ताओ का कहना है कि बिल्डर संजय अग्रवाल द्वारा खुद को हिंदूवादी नेता बताया जाता है जबकि सच्चाई है कि उसके द्वारा हिंदू समाज के गरीब,पीड़ित लोगों की जमीन भी गलत तरीके से अपने नाम कराकर बेच दी गई,और लोगों को आर्थिक,मानसिक व शारीरिक रूप से पीड़ा भी पहुंचाई गई है। बिल्डर को संघ का समर्थक बताकर उच्च पदाधिकारियों को अंधेरे में रखा जाता है।
उक्त बिल्डर पूर्व में कभी भी आरएसएस का कार्यकर्ता नही रहा है न ही भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में वह सक्रिय रहा है। पूर्व में उसके द्वारा सार्वजनिक रूप से भाजपा से इस्तीफा भी दिया गया था,लेकिन इसके बाद भी आरएसएस के अनुशनागिक संगठन में उसे पद देना लेागो के समझ से बाहर है।
ज्ञात हो कि बिल्डर संजय अग्रवाल को जमीन कागजात धोखाधड़ी के आरोप मे धारा 420,467,468,471 के तहत गिरफ्तार किया गया है जहां वह इन दिनों जिला जेल में बंद हैं अभी तक उनकी जमानत नही हो सकी है। वहीं गिरफ्तारी के बाद जमीन के एक अन्य मामले में उनके खिलाफ अपहरण व एसटीएससी एक्ट के तहत भी अपराध पंजीबद्व किया गया है।
बिल्डर को स्वदेशी जागरण मंच का अभियान प्रमुख बनाये जाने के बाद भाजपा के बड़े नेताओं ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है और उन्होने भी इसके लिए आरएसएस के एक स्थानीय पदाधिकारी को जिम्मेदार बताते हुए इसकी शिकायत प्रांतीय स्तर पर किये जाने की बात कही है। पदाधिकारियों का कहना है कि जो व्यक्ति जेल में बंद है और जिसके खिलाफ कई प्रकार की गैर जमानती धाराएं लगी है उसे इस प्रकार से पद देने से पार्टी व संघ की छवि भी धुमिल हो रही है। ऐसे लोगो के पार्टी में रहने से स्वच्छ राजनीति की उम्मीद नही की जा सकती है। पार्टी पदाधिकारियों ने प्रदेश संगठन का ध्यान आकुष्ट कराते हुए ऐसी नियुक्तियों को रोके जाने की मांग की है।
