00 पत्रकार वार्ता लेकर लगाया गंभीर आरोप
00 भवानी बहादुर राजनांदगांव के दिवंगत दबंग सांसद शिवेंद्र बहादुर व मंत्री स्वर्गीय गीता देवी सिंह के सुपुत्र है l
राजनांदगांव / स्थानीय प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता लेकर भवानी बहादुर ने अनेकों मुद्दों पर अपनी बात रखी और कहा की स्वास्थ्य सुविधा की बात करने वाले डा. रमन सिंह बताये 15 वर्षों के कार्यकाल में कितने अस्पतालों का निर्माण कराया और पूर्व में निर्मित अस्पतालों में स्टाफ की क्या व्यवस्था करवाई।
देश में राजनांदगांव जिले की पहचान बीएनसी मिल से रही है ,का जीर्णोधार न कर मिल की आरक्षित भूमि को दलालों को कौड़ियों के दाम में बेचा। जिले के सैकड़ों परिवार की रोजी रोटी छीनी आज सरकार चाह कर भी मिल को पुनः स्थापित नहीं कर पा रही है। जिले के सांसद चाहे तो उचित पहल कर रिक्त भूमि का किसी न किसी रूप में जीर्णोधार कर सकते हैं। केंद्र द्वारा सोयाबीन के प्रमाणित बीज की सप्लाई बंद होने से किसान दुगुनी दर पर बीज खरीदने मजबूर। लगभग 5000 प्रति क्विंटल की दर पर मिलने वाले प्रमाणित बीज के स्थान पर किसानों को बाजार से लगभग 10000 प्रति क्विंटल की दर पर बीज खरीदना पड़ रहा है। इसके पूर्व किसानों को केसीसी के माध्यम सोसायटओं से सोयाबीन का प्रमाणित बीज आसानी से उपलब्ध हो जाता था।
भू-अर्जन प्रक्रिया के पूर्व छुईखदान-दनिया मार्ग का निर्माण प्रारंभ होना अपने आप में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुए किसानों के साथ अन्याय बताया।
एडीबी प्रोजेक्ट के तहत जिले में चल रहे निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन जिला प्रशासन की ओर से समिति का गठन कर निर्माण कार्यों की समीक्षा होनी चाहिए, क्योंकि जिस प्रकार छुईखदान-दनिया मार्ग निर्माण करने के पूर्व भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई, जो किसानों के साथ सीधे-सीधे धोखा है। किसानों द्वारा आपत्ति करने पर रोड निर्माण प्रारंभ होने के बाद भू-अर्जन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई जो प्रारंभिक चरण में है नक्सल प्रभावित वनांचल आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का मुख्य मार्ग पूर्णतः क्षतिग्रस्त है।
डोंगरगढ़ थाना चौक से ग्राम खरखाटोला होते हुए बोरतालाब की सीमा से लगे महाराष्ट्र की सीमा तक शासन द्वारा राशि स्वीकृत करने के पश्चात ठेकेदार द्वारा ग्राम खरखाटोला से बोरतालाब की सीमा से लगे महाराष्ट्र बॉर्डर तक सड़क मार्ग का निर्माण कराया गया, किंतु थाना चौक से ग्राम खरखाटोला तक 7 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण अतिरिक्त राशि की स्वीकृति के इंतजार में नहीं कराया जा रहा है।
उन्होंने कहां की शासन से अतिरिक्त राशि मिलने में देरी होने के मद्देनजर जिला प्रशासन के मद से इस मार्ग का निर्माण शुरू करना चाहिए, एडवेंचर स्पोर्ट्स के नाम एक करोड़ की राशि का बंदरबांट भाजपा शासन में हुआ। उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के नाम से खानापूर्ति की जा रही है। एक करोड़ के निर्माण के निर्माण कार्य का ना तो भूमिपूजन हुआ ना लोकार्पण। आधा-अधूरा निर्माण खंडहर में तब्दील है, 2018-19 में डोंगरगांव विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गाजमर्रा को निर्माण एजेंसी बनाते हुए तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा जिला खनिज निधि से लगभग एक करोड़ की राशि खर्च कर आधा-अधूरा मां बमलेश्वरी पहाड़ी के पीछे वन विभाग 8 एकड़ भूमि पर निर्माण किए गए एडवेंचर स्पोर्ट्स के तहत निर्मित विभिन्न निर्माण खंडित हो चुके हैं। समाचार प्रकाशन के बाद इसे संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात जिला प्रशासन की ओर से कही गई थी, जिस पर समिति का निर्माण भी किया गया, लेकिन इसे भी दबाने की कोशिश की जा रही है। समूह से आर्थिक लेनदेन में विभाग प्रभारी के माध्यम से उच्चाधिकारी द्वारा लूट वर्ष 2002 में पूर्व मंत्री स्व. श्रीमती गीता देवी सिंह के नेतृत्व में डोंगरगांव में ऐतिहासिक अंतर्राष्टीय महिला सम्मेलन के बाद ही प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की शक्ति को एक पहचान मिली थी। एक ही मंच पर हजारों की संख्या में संगठित हुई महिलाओं ने भी अपनी शक्ति को पहचाना था, सरकार की ओर से भी महिलाओं को संगठित करने के उद्देश्य से महिलाओं के विभिन्न समूह बनाये गए प्रशासन की और से उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक योजनाओं के माध्यम से महिला समूहों को सुविधाजनक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती रही है। महिला समूह के माध्यम से महिलाओं के उत्तरोत्तर विकास के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ अधिकांश महिला समूह, जो पर्याप्त रूप से शिक्षित नहीं होने के कारण तथा अधिकारियों द्वारा आर्थिक शोषण किए जाने पर आज भी आर्थिक लाभ नहीं ले पा रही है। ऐसी स्तिथि में इन महिला समूहों को सरकारों की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि का बंदरबाट शासकीय विभागों में नियुक्त प्रभारियों के माध्यम से उच्चाधिकारी व तथाकथित जनप्रतिनिधि अथवा नेताओं द्वारा उठाया जा रहा है। अधिकारियों के धोखाधड़ी का शिकार हुई महिला समूह राजनांदगांव जिले के विभिन्न विकासखंडों में महिला समूह के साथ हुई धोखाधड़ी के शिकायत लगातार देखने सुनने को मिल रही है, किंतु महिला समूह के साथ की गई आर्थिक गड़बड़ी को उच्चाधिकारियों व तथाकथित नेताओं के सरक्षण में दबा दिया जाता है। देश-प्रदेश में ऐसी अनेक योजना का संचालन किया जा रहा है, जिसमे निःशुल्क रूप से लाख रुपए की आर्थिक सहायता महिला समूहों को उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमे दी गई राशि को लौटाने का प्रावधान नहीं है। इसी प्रकार अनेक योजनाओं के माध्यम से रोजगार के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर लाखों रुपए महिला समूह को उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकांश महिला समूहों के साथ विभाग प्रभारियों द्वारा राशि के लेनदेन के समय भारी पैमाने में लूट खसोट की जाती है, यही कारण है कि अधिकांश महिला समूह या अथवा उनका आर्थिक विकास नहीं हो पाया है।
