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क्रमिक भूख हड़ताल के तीसरे दिन 2 मीडियाकर्मियों के साथ कुल कुल चार लोगों ने किया अनशन, वहीं मंच के प्रतिनिधि मंडल ने नगरीय निकाय मंत्री के साथ ही क्षेत्र के तीनों विधायको को सौपा मांगो का ज्ञापन

कोरिया / चिरिमिरी जिला बनाओ मंच द्वारा जारी क्रमिक भूख हड़ताल के तीसरे दिन दो मीडियाकर्मियों के साथ कुल कुल चार लोग अनशन पर बैठे । वहीं मंच के एक प्रतिनिधि मंडल ने बैकुंठपुर जाकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नजीर अजहर के माध्यम से छतीसगढ़ के नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ ही क्षेत्र के तीनों विधायक श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, गुलाब कमरों व डॉ. विनय जायसवाल को अपनी मांगो का ज्ञापन सौपा ।


मंच द्वारा जारी क्रमिक भूख हड़ताल के तीसरे दिन मीडियाकर्मी द्रोणाचार्य दुबे व वेद प्रकाश तिवारी के साथ मनोज सिंह व फणीन्द्र हमाम मिश्रा एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठे ।
मंच ने जो ज्ञापन नगरीय निकाय मंत्री के साथ ही क्षेत्र के तीनों विधायको को सौपा है उसमें उन्होंने कहा है कि बड़े ही हर्ष की बात है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर है तथा आपने सत्ता और प्रशासन के विकेंद्रीकरण कर अंतिम व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने हेतु स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश को चार नए जिलों की सौगात दी है । उसके लिए क्षेत्र की जनता आभारी है। नवीन जिले की घोषणा में मनेंद्रगढ़ जिला भी शामिल है, जो स्वागत योग्य है ।

उपरोक्त नवीन जिला मनेंद्रगढ़ में चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र आता है तथा अविभाजित मध्यप्रदेश के अविभाजित सरगुजा जिले का सबसे बड़ा शहर चिरमिरी था जो वर्तमान में कोरिया जिला का सबसे बड़ा शहर है यह शहर कोरबा लोकसभा व मनेन्द्रगढ़ विधानसभा का हिस्सा है । 2011 की जनगणना के अनुसार चिरमिरी की जनसंख्या 1 लाख 1 हजार है तथा वर्तमान में चिरमिरी तहसील है। चिरमिरी में सन 1927 से कोयला खदान संचालित है तथा यहां पर देश के विभिन्न हिस्सों से आकर चिरमिरी में कोयला उत्खनन के कार्य में लगे थे, जिनकी कई पीढियां यहां बीत गई हैं। चिरमिरी क्षेत्र पूर्व में अधिसूचित विशेष क्षेत्र के अंतर्गत आता था । उसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाकर चिरमिरी को विशेष दर्जा दिया तथा इसी काल में इसी क्षेत्र में आरुणि बांध का निर्माण भी हुआ । बाद में इसे नगर पालिक निगम क्षेत्र घोषित किया गया । चिरमिरी क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्री में कोयला खदाने संचालित है तथा यहां से सरकार को अरबों रुपए की राशि राजस्व के रूप में रॉयल्टी द्वारा प्राप्त होती है। इसके साथ ही चिरमिरी शहर में सबसे पुराना रेलवे स्टेशन भी है जहां से निरंतर कोयला परिवहन होता है तथा क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा क्षेत्र चिरमिरी है।
यह भी ज्ञात हो कि पूर्व में सन 1998 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नए जिले के निर्माण हेतु दुबे आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम सरगुजा (कोरिया) का जिला मुख्यालय बनाने हेतु प्रतिवेदन मांगा था जिसमें दुबे आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश किया था कि सुविधा की दृष्टि से साडा क्षेत्र चिरमिरी के मालवीय नगर में मुख्यालय उपयुक्त होगा परंतु दुर्भाग्यवश चिरमिरी को जिला मुख्यालय नहीं बनाया गया और मुख्यालय बैकुंठपुर बना दिया गया जिसमें चिरमिरी क्षेत्र को अपनी अपूरणीय क्षति और उपेक्षा हुई।


वर्तमान में चिरमिरी के आईटीआई के समीप लगभग 112 एकड़ शासकीय भूमि पुराना राज्य विद्युत मंडल की साजा पहाड़ में करीब 100 एकड़ नगर निगम चिरमिरी के पास भी करीब 60 एकड़ शासकीय भूमि है जहां पर संयुक्त जिला कार्यालय भवन एवं अन्य जिला कार्यालय भवन बनाया जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान में पॉडी में पुराना आईटीआई भवन भी रिक्त है जहां अस्थाई रूप से जिला कार्यालय प्रारंभ किया जा सकता है। नवीन जिला मनेंद्रगढ़ में चिरमिरी का नाम जोड़ना तथा जिला मुख्यालय चिरमिरी को बनाना जन भावनाओं के अनुसार आवश्यक है।


मंच ने ज्ञापन में आगे कहा है कि जन भावनाओं के अनुरूप नवीन जिला मनेंद्रगढ़ में चिरमिरी का नाम जोड़कर जिला मुख्यालय चिरमिरी बनाए ।

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