Advertisement Carousel

उंगली कटा के शहीद बनना चाहते हैं भूपेश बघेल – श्रीचंद सुंदरानी

सरकार का आदेश -हुक्का बार बंद करो, पर खबरदार जो अवैध आहाते और अवैध नशीले पदार्थ की तस्करी की तरफ देखा भी तो-भाजपा

रायपुर / पूर्व प्रवक्ता व भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हुक्का बार बंद करने के आदेश पर कटाक्ष करते हुए कहा की भूपेश बघेल “उंगली कटा कर शहीद का दर्जा प्राप्त करना चाहते हैं”। उन्होंने कहा कि भुपेश बघेल एसपी की बैठक में हुक्का बार बंद करने का आदेश तो दिया, परंतु राजधानी में उनकी नाक के नीचे चल रहे अवैध शराब आहतों की बात भी नहीं की। और उस पर तुर्रा यह कि पुलिस अधिकारी छोटे रेस्टोरेंट और बार में चल रहे हुक्का व्यापारियों पर कार्यवाही का दिखावा करते हैं परंतु सत्ता के करीबी लोगों के बड़े संस्थानों में जाने की उनकी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। भूपेश बघेल अधिकारियों को चेतावनी देते हैं कि छत्तीसगढ़ में बाहर से गांजे की एक पत्ती भी नहीं आनी चाहिए। परंतु गांजा तस्करों द्वारा जवारा विसर्जन में कुचले गए श्रद्धालुओं से न मिलने जाते है न उनके लिए कोई राहत की घोषणा करते है।


भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरनी ने कहा कि राजधानी रायपुर में खुलेआम नशीले पदार्थ की बिक्री आम हो गई है। पहले सिर्फ शराब समस्या थी, परंतु आजकल हेरोइन, चरस ,कोकिन तक रायपुर में आराम से मिल रहे हैं । जिससे युवक खासकर नाबालिग इसकी गिरफ्त में आते जा रहे हैं जिसकी परिणति है कि राजधानी में अपराध अपने चरम स्तर पर है। अभी कुछ दिन पहले रात भर खुले रहने वाले केंद्रों से लौटे युवकों ने विधानसभा उपाध्यक्ष के बेटे को पीट दिया। नशीले पदार्थ की आसान उपलब्धता के कारण छुरेबाजी, लूटमार की घटनाएं दिनदहाड़े हो रही हैं । नशे में अपराधियों ने हत्या कर उसके वीडियो तक बनाकर जारी की है। अभी कुछ दिन पहले रायपुर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पिछले 10 महीने में 9000 से अधिक लोग दुर्घटना के शिकार हो गए। इनमें से दुर्घटनाग्रस्त होने वाले या करने वाले लगभग 40% व्यक्ति नशे में थे।


भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि भाजपा लगातार निगाह रखेगी कि सरकार छोटे बड़े सभी लोगों पर निष्पक्ष कार्रवाई करें। उन्होंने कहा यदि भूपेश सरकार की मंशा सचमुच छत्तीसगढ़ को नशा मुक्त करने की है तो वह अवैध आहतें बंद कराएं । बिना अपने पराए का भेद किया सभी स्थानों पर समान रूप से कार्रवाई की जाए। नशीले पदार्थ मिलने वाले क्षेत्र के थाना प्रभारी, एएसपी ,एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।

error: Content is protected !!