(जिम्मेदारी तय कर, अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग)
कोरिया / चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के लिए तीन साल पहले से स्वीकृत 10 लाख के कार्य अब तक न कराने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही करने के सन्दर्भ में पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने कल कलेक्टर कोरिया कुलदीप शर्मा से मुलाकात कर सम्पूर्ण वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए उचित कार्यवाही की मांग की है।
इस संदर्भ में पूर्व महापौर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री रेड्डी ने कलेक्टर को अभिलेख के साथ बताया है कि विगत दो वर्षों पूर्व महापौर कार्यकाल के दौरान क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखकर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महन्त से मांग किये जाने पर उन्होंने अपने अर्द्धशासकीय पत्र कमांक – 114 दिनांक – 20. 03. 2020 को सांसद विकास निधि से श्री रेड्डी के अनुरोध पर स्वीकृत किये 10 लाख रुपयों के अनुशंसित कार्य अब तक नहीं किये गए है। उन्होंने नगर निगम के इस अकर्मण्य कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूछा कि आखिर स्वीकृति आने के बाद भी कार्यों को इम्प्लीमेंट करने को लेकर इस कदर लापरवाही घोर चिन्ताजनक है। जबकि इस संदर्भ में उप संचालक, जिला योजना एवं सांख्यिकी, कोरिया कार्यालय ने अपने पत्र के 323/2020 / जियोसांका / एमपीलैंड्स, बैकुण्ठपुर, दिनांक 10.04.2020 के तहत आयुक्त नगर पालिक निगम, चिरमिरी को संदर्भित पत्र लिख कर प्राक्कलन सहित सम्पूर्ण अग्रिम कार्यवाही करने को कहा था, किन्तु चिरमिरी नगर निगम कार्यालय ने जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय को कोई सार्थक जवाब देना तक उचित नहीं समझा जो कि घोर आपतिजनक है। ऐसे में सम्बंधित लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही होना ही चाहिए।
श्री रेड्डी ने कलेक्टर, कोरिया से मुलाकात कर बताया कि सांसद जी तथा हम सबके नेता डॉ० चरणदास महन्त का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि चिरमिरी सहित सम्पूर्ण कोरिया के विकास से कोई समझौता नहीं होगा, किन्तु हमारे चिरमिरी नगर निगम में आज कल केवल और केवल श्रेय लेने की होड़ के चक्कर में पड़, इस तरह से अवरोध उत्पन्न करने वालों को सबक सिखाना अब बहुत जरूरी हो गया है, जो विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
इस सम्बंध में श्री रेड्डी ने आग्रह करते हुए कलेक्टर से कहा है कि कृपया सम्पूर्ण वस्तुस्थिति को विधिसम्मत सम्यक समीक्षा कर, फण्ड स्वीकृति के बाद भी दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी कार्य कराने में पूर्णतः लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों (आयुक्त एवं अभियन्ता) की जिम्मेदारी तय कर, उनकी एक वेतन वृद्धि रोकने सहित दण्डात्मक कार्यवाही करने की आवश्यकता है, जिससे कि इस तरह से लापरवाह अधिकारियों को अनुशासन एवं प्रशासकीय कार्यप्रणाली का सबक सिखाया जा सके। ज्ञातव्य है कि शासन – प्रशासनिक कार्यों में सौम्यता और अनुशासन की मर्यादा में रह कर किसी भी विषय पर दमदारी के साथ अपना पक्ष रखने में नहीं चुकने वाले कांग्रेस नेता श्री रेड्डी दो दिनों पूर्व नगर निगम के आयुक्त बिजयेंद्र सिंह सारथी से भी इस मामले मुलाकात कर सम्पूर्ण वस्तुस्थुति से अवगत कराते हुए पत्र सौम्पकर, उनके पूर्व लिखे सम्बंधित पत्रों पर उचित कार्यवाही कर, नियमानुसार उन्हें भी अवगत कराने का आग्रह किया है।
