दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज, बच्चों को आश्रय गृह में भेजा गया
रायपुर। शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसर रवि भवन में बाल श्रम कराए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छह नाबालिक बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इनमें दो बालिकाएं और चार बालक शामिल हैं।
शुक्रवार को एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन छत्तीसगढ़ के राज्य समन्वयक विपिन ठाकुर द्वारा मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने रवि भवन स्थित पांच दुकानों—तिरुपति नावेल्टी, मोबाइल गैलेक्सी, जय मोबाइल एक्सेसरीज, बालाजी वॉच और स्मार्ट मोबाइल—में छापा मारा। इन दुकानों में बच्चों से काम करवाया जा रहा था।
कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW) नंदनी ठाकुर ने किया। उनके साथ बाल संरक्षण अधिकारी संजय निराला, थाना प्रभारी गोलबाजार अर्चना धुरंधर और थाना गोलबाजार की टीम मौजूद थी।
पुलिस ने मामले में थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 61/2025 के तहत धारा 146 बीएनएस, 79 किशोर न्याय अधिनियम एवं 3, 14 बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
रेस्क्यू किए गए बच्चों में से चार बालकों को बाल आश्रम, कचहरी चौक, और दो बालिकाओं को खुला आश्रय गृह, सुंदर नगर में अस्थायी रूप से रखा गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों के अधिकारों के हनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी जारी रहेगी।
