बाल अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने जताई नाराजगी, पुलिस को सख्त पत्र जारी
बालोद।
जिला बालोद में एक पारिवारिक विवाद के दौरान नाबालिग बच्ची से मारपीट और गाली-गलौज के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 (बच्चों के प्रति क्रूरता) जोड़ने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
आयोग ने 2 जून 2025 को मामले की सुनवाई की, जिसमें सामने आया कि आरोपी ने बच्ची को धक्का देकर गिरा दिया, जिससे उसके सिर में चोट आई और उसे चक्कर तथा धुंधला दिखना शुरू हुआ। बाल कल्याण समिति ने पहले ही पुलिस को धारा 75 के तहत अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए थे, लेकिन न्यायालय में चालान पेश करते समय पुलिस ने यह धारा नहीं जोड़ी।
इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए डॉ. शर्मा ने 2 जून को बालोद पुलिस अधीक्षक को कड़ा पत्र जारी किया है और अभियोग पत्र में तत्काल धारा 75 जोड़कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने मामले को प्रकरण क्रमांक 1297/25 के तहत पंजीबद्ध कर समीक्षा में ले लिया है। डॉ. शर्मा ने कहा है कि, “बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता सहन नहीं की जाएगी। आयोग इस पर सख्त और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएगा।”
