रायपुर, 5 जुलाई | संवाददाता
राजधानी रायपुर में आयोजित संसदीय पत्रकारिता पर एक दिवसीय कार्यशाला में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस और शिवसेना पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
“राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष की मर्यादा समझनी चाहिए”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा, “राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए ‘सरेंडर’ शब्द का उपयोग किया, जो बेहद आपत्तिजनक है। यह शब्द पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने भी नहीं कहा। राहुल गांधी आखिर हाफिज से भी बड़े मुहाफिज बनने की कोशिश क्यों कर रहे हैं, कांग्रेस प्रवक्ता ही इसका उत्तर दे सकते हैं।”
नक्सली पत्र पर बोले – हथियार लेकर नहीं हो सकता संवाद
नक्सलियों द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे गए पत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “इशारों को समझो तो राज को राज रहने दो। गृह मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आना चाहें तो उनका स्वागत है, लेकिन हथियार रखते हुए संवाद नहीं हो सकता।”
बिहार में कांग्रेस की योजना पर तंज
बिहार में कांग्रेस द्वारा सेनेटरी पैड वितरित किए जाने को लेकर डॉ. त्रिवेदी ने कहा, “यह अभिनव और अद्भुत प्रयोग है, लेकिन राहुल गांधी क्यों इतने व्याकुल रहते हैं, यह कांग्रेस बेहतर बता सकती है।”
शिवसेना की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
शिवसेना द्वारा भाजपा के झंडे को ‘बर्तन धोने वाला कपड़ा’ बताने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बयान देने से पहले गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। आज की शिवसेना बालासाहेब ठाकरे के विचारों के अनुरूप नहीं रही। आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडों की बात करने वालों को देश के प्रतीकों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।”
डॉ. त्रिवेदी ने संसदीय पत्रकारिता की महत्ता पर भी विचार रखे और कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों की सजगता जरूरी है।
