हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – 60 दिन में मिलेंगे नियुक्ति पत्र
रायपुर, 30 जुलाई
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 भर्ती घोटाले में फंसे निर्दोष अभ्यर्थियों को आखिरकार राहत मिल गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि CBI की चार्जशीट में जिन अभ्यर्थियों का नाम नहीं है, उन्हें 60 दिन के भीतर नियुक्ति पत्र सौंपा जाए।
यह फैसला जस्टिस अमितेंद्र किशोर की एकलपीठ ने सुनाया, जिससे प्रदेशभर में चयनित योग्य लेकिन प्रतीक्षित अभ्यर्थियों के चेहरे पर राहत लौटी है।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि नियुक्तियाँ 10 मई 2024 की वैधता अवधि के भीतर पूरी की जाएं। याचिकाकर्ताओं में से अधिकांश वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने परीक्षा पूरी ईमानदारी से पास की थी लेकिन आयोग में गड़बड़ियों के चलते नियुक्ति से वंचित रह गए थे।
इस मामले में 60 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनका कहना था कि वे CBI जांच में निर्दोष पाए गए हैं, फिर भी सरकार उनकी नियुक्ति नहीं कर रही है।
गौरतलब है कि CGPSC द्वारा वर्ष 2021 में राज्य सेवा परीक्षा के तहत 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। 11 मई 2023 को परीक्षा परिणाम घोषित किए गए, लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद चयन प्रक्रिया में धांधली के आरोप सामने आए। बाद में जांच सीबीआई को सौंपी गई और मामले में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष सहित कई अधिकारी व अभ्यर्थी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार को 60 दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने होंगे। जिन अभ्यर्थियों के नाम CBI की चार्जशीट में शामिल नहीं हैं, वे सीधे लाभार्थी होंगे। नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार होगी।
एक चयनित अभ्यर्थी ने कहा कि हमने पूरी मेहनत से परीक्षा पास की थी, लेकिन भ्रष्टाचार की मार झेलनी पड़ी। कोर्ट के इस फैसले ने साबित किया कि न्याय अभी ज़िंदा है।
यह फैसला CGPSC जैसी संस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी की बहाली की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
