बलरामपुर, 06 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बार फिर सिस्टम की बदहाली की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। जिले के तरकाखाड़ ग्राम पंचायत में एक 17 वर्षीय लड़की की बीमारी के चलते मौत हो गई, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने की वजह से शव वाहन घर तक नहीं पहुंच सका। मजबूर परिजनों को अर्थी पर शव रखकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक कंधों के सहारे शव को घर लाना पड़ा।
मामला बलरामपुर विकासखंड के तरकाखाड़ ग्राम पंचायत का है, जहां एक किशोरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद जब परिजन शव को एंबुलेंस या शव वाहन से घर लाना चाहते थे, तब उन्हें यह जानकारी मिली कि खराब और कीचड़ से भरी सड़क की वजह से वाहन गांव तक नहीं पहुंच सकता।
ऐसे में परिजनों ने अर्थी तैयार की और ग्रामीणों की मदद से शव को कंधों पर उठाकर घर तक लाए। गांव तक पहुंचने के लिए उन्हें कीचड़ से भरे रास्ते और उबड़-खाबड़ पगडंडी से होकर गुजरना पड़ा।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों की बुनियादी जरूरतों की पोल खोल दी है। गांव के लोगों का कहना है कि हर बरसात में यही स्थिति होती है। सड़क बनने की बात हर बार होती है, लेकिन बरसों से हाल जस का तस बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों की मांग है कि जल्द से जल्द इस रास्ते का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय स्थिति से किसी और परिवार को न गुजरना पड़े।
