रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस व्यवस्था का चेहरा बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐलान किया कि रायपुर में 1 नवंबर से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। इस फैसले के बाद राजधानी में पुलिसिंग का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।
अब तक एसपी के नेतृत्व में काम करने वाली पुलिस, नवंबर से पुलिस कमिश्नर की कमान में काम करेगी। कमिश्नर प्रणाली लागू होने से पुलिस को सीधे मजिस्ट्रियल पावर मिलेगी। यानी अपराध पर कार्रवाई के लिए अब कलेक्टर की अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और फैसले भी तेज़ी से होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस बदलाव से कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी और अपराधियों पर शिकंजा कसने में आसानी होगी। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का कहना है कि रायपुर में लंबे समय से इस प्रणाली की मांग थी, अब पुलिस को अधिक अधिकार मिलेंगे जिससे कार्रवाई की गति और तेज़ होगी।
कैसा होगा नया ढांचा
रायपुर की पुलिस कमान एडीजी या आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारी संभालेंगे।
शहर को अलग-अलग जोनों में बांटा जाएगा।
जॉइंट कमिश्नर, एसपी, डीसीपी और एसएचओ की तैनाती होगी।
छोटे अपराधों की जांच अब हेड कांस्टेबल भी कर सकेंगे।
अधिक संख्या में वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध रहेंगे, जिससे आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने में आसानी होगी।
फिलहाल देश के 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है और अब छत्तीसगढ़ भी इस सूची में शामिल हो गया है। राजधानी की कानून-व्यवस्था को नए सिरे से सुदृढ़ करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

