धमतरी।
धमतरी जिले के बिरझर चौकी क्षेत्र के गणेशपुर गांव में शनिवार को एक मृतक के अंतिम संस्कार को लेकर जमकर बवाल मच गया। आस्था और मान्यता की टकराहट के बीच पूरा गांव दो हिस्सों में बंट गया। मामला इतना बढ़ा कि माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस-प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा। कई घंटों की समझाइश और मशक्कत के बाद जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका और मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी शेष नारायण साहू कुछ समय से कथित बाबा रामपाल के अनुयायी बन गए थे। इस दौरान उन्होंने समाज की पारंपरिक आस्थाओं से खुद को अलग कर लिया था। बताया जा रहा है कि उनके इस कदम से गांव के लोग पहले से ही नाराज चल रहे थे।
इस बीच शेष नारायण की मौत हो गई। जब परिजन शव को दफनाने के लिए गांव के हिंदू श्मशान घाट की ओर ले जा रहे थे, तभी ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इसका विरोध कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि शेष नारायण ने स्वयं समाज की परंपराओं को ठुकरा दिया था, ऐसे में हिंदू श्मशान घाट में उनका दफनाना उचित नहीं है।
देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई और विवाद ने तनाव का रूप ले लिया। सूचना मिलते ही बिरेझर चौकी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच घंटों चली बातचीत और समझाइश के बाद लोगों ने शांति बनाए रखने पर सहमति जताई।
आखिरकार परिजनों ने प्रशासन की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार किया। स्थिति सामान्य होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
गांव में अब माहौल शांत बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि आस्था और परंपरा के टकराव से किस तरह छोटे-छोटे गांवों में भी तनाव की स्थिति बन जाती है।
