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छत्तीसगढ़ में बाल सुरक्षा पर बड़ा कदम — मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बाल संप्रेषण गृहों का व्यापक निरीक्षण


रायपुर, 01 दिसंबर 2025।
राज्य में बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और अधिकार संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सोमवार को कोरबा जिले के बाल संप्रेषण गृह (बालक), बाल गृह (बालिका) और बाल गृह (बालक) का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी मौजूद रहीं।


मंत्री और आयोग अध्यक्ष ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, उपलब्ध सुविधाओं और देखभाल की वास्तविक स्थिति को समझा। इसके बाद संस्थानों की स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, देखभाल और मानसिक-सामाजिक समर्थन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के स्पष्ट निर्देश दिए।


कड़े निर्देश — रिकॉर्ड से सुरक्षा तक सब पर फोकस
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों से कहा कि

किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाए।

सभी रिकॉर्ड, पंजी व सरकारी दिशानिर्देश पूरी तरह अपडेट रहें।
बच्चों से संबंधित प्रक्रियाएँ नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से संचालित हों।


बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने
सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता व नियमित मॉनिटरिंग,
प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की तैनाती, और
संवेदनशील क्षेत्रों व प्रवेश द्वारों पर सख्त निगरानी
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


“सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण हमारी प्रतिबद्धता” — मंत्री राजवाड़े
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा —
“बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी कार्य पूर्ण समर्पण और मानक अनुरूप किए जा रहे हैं।”


निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत और जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज भी मौजूद रहे।

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