अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का मध्य भारत बनेगा बड़ा केंद्र
रायपुर। राजधानी रायपुर अब अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान बनाने जा रही है। रायपुर में अत्याधुनिक स्पेस लैब स्थापित करने की अनुमति मिल गई है। इस संबंध में अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने पत्र जारी कर औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है।
सूत्रों के अनुसार, यह लैब छात्रों, युवा शोधकर्ताओं और टेक इनोवेटर्स के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी, जहाँ उपग्रह तकनीक, रॉकेट मॉडलिंग, स्पेस रिसर्च, ड्रोन एवं रिमोट सेंसिंग सहित कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण और प्रयोग संभव होगा।
इस बड़े फैसले की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा में की गई घोषणा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने पूरे देश में ऐसे स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया था ताकि भारत के हर बच्चे को अंतरिक्ष विज्ञान और नवाचार के बराबर अवसर मिल सकें।
जानकारी के अनुसार, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर में स्पेस लैब स्थापित किए जाने के लिए विस्तृत पत्राचार और आग्रह किया था, जिसके बाद अब यह पहल साकार होने जा रही है।
लैब की स्थापना के बाद रायपुर—
देश के अग्रणी स्पेस इनोवेशन हब के रूप में उभरेगा
छात्रों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिलेंगे
स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को नया आयाम मिलेगा
अधिकृत सूत्रों के अनुसार, जल्द ही स्थान चयन और तकनीकी निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। राज्य के वैज्ञानिक व शिक्षा जगत में इस निर्णय को बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
