Advertisement Carousel

2030 तक देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर – अमित शाह

31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत तय: अमित शाह
बस्तर ओलिंपिक से गूंजा ‘विकसित बस्तर’ का संकल्प


जगदलपुर, 13 दिसंबर।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर ओलिंपिक–2025 के समापन समारोह में ऐतिहासिक ऐलान करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर सहित पूरे देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा और 2026 का बस्तर ओलिंपिक नक्सलमुक्त बस्तर में आयोजित होगा।


समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


नक्सलवाद अब अंतिम सांसों पर
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने लाल आतंक के अंत का संकल्प लिया था और आज बस्तर उस लक्ष्य के बेहद करीब है। उन्होंने दावा किया कि नवंबर–दिसंबर 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा हो चुका होगा और बस्तर विकास के नए युग में प्रवेश करेगा।


2030 तक देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर
अमित शाह ने कहा कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा—इन सात जिलों वाला बस्तर संभाग दिसंबर 2030 तक देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि बस्तर के हर परिवार तक पक्का मकान, बिजली, शौचालय, नल से पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज पहुंचाना सरकार का संकल्प है।
सड़क से लेकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक विकास की रफ्तार
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और PHC–CHC का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
वन उपज प्रसंस्करण के लिए सहकारी इकाइयां, डेयरी विकास, नए उद्योग, उच्च शिक्षा संस्थान, अत्याधुनिक अस्पताल और देश का सर्वश्रेष्ठ स्पोर्ट्स संकुल बस्तर में स्थापित किए जाएंगे।


700 सरेंडर्ड नक्सली बने खिलाड़ी, देश के लिए मिसाल
अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलिंपिक–2025 में 700 से अधिक आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों का खिलाड़ियों के रूप में शामिल होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा, “इन युवाओं ने भय की जगह आशा, विनाश की जगह विकास और हथियारों की जगह खेल को चुना है।”
रिकॉर्ड भागीदारी, बहनों की ऐतिहासिक बढ़त
इस वर्ष बस्तर ओलिंपिक में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो पिछले वर्ष की तुलना में ढाई गुना अधिक है। महिला सहभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई, जो सामाजिक बदलाव का मजबूत संकेत है।


हथियार छोड़िए, भविष्य चुनिए
गृह मंत्री ने अब भी हथियार उठाए बैठे नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर करें और सरकार की आकर्षक पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं।
उन्होंने समाज प्रमुखों और समाजसेवकों से भी नक्सली युवाओं को मुख्यधारा में लाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


‘लाल सलाम’ से ‘भारत माता की जय’ तक
अमित शाह ने कहा कि बस्तर अब भय नहीं, भविष्य का प्रतीक बन चुका है। जहां कभी गोलियों की आवाज़ गूंजती थी, वहां आज स्कूलों की घंटियां बज रही हैं और जहां ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, वहां आज ‘भारत माता की जय’ गूंज रही है।
— बस्तर से विकास और विश्वास का नया अध्याय शुरू

error: Content is protected !!