रायपुर–महासमुंद में 9 ठिकानों पर छापेमारी, ज़मीन अधिग्रहण मुआवज़े की जांच



रायपुर/महासमुंद।
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर और महासमुंद जिलों में एक साथ 9 ठिकानों पर ED की टीमें छापेमार कार्रवाई कर रही हैं। यह कार्रवाई रायपुर–विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई ज़मीन के मुआवज़ा भुगतान में कथित गड़बड़ियों की जांच के तहत की जा रही है।


सूत्रों के अनुसार, ED की यह सर्च ऑपरेशन हरमीत खनूजा, उनके सहयोगियों, संबंधित सरकारी अधिकारियों और ज़मीन मालिकों से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि ज़मीन अधिग्रहण के दौरान मुआवज़ा निर्धारण और भुगतान प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं।


महासमुंद में प्रमुख ठिकानों पर कार्रवाई
महासमुंद जिले में ED ने मेघ बसंत कॉलोनी स्थित जसबीर सिंह बग्गा के निवास और पंजाबी पारा में हरमीत सिंह चावला के घर पर छापा मारा है। बताया जा रहा है कि जसबीर सिंह बग्गा एक होंडा शोरूम के संचालक हैं, जबकि हरमीत सिंह चावला, हरमीत खनूजा के ससुराल पक्ष से जुड़े बताए जा रहे हैं।


रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच
ED की टीमें सुबह के समय दो–दो वाहनों में संबंधित ठिकानों पर पहुंचीं और दस्तावेजों, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी कागजात और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की गहन जांच कर रही हैं। कई घंटों से चल रही इस कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं।


हालांकि, इस छापेमारी को लेकर ED की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है और कार्रवाई का दायरा कितना व्यापक है।


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