रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गृह विभाग के खर्च को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। भाजपा विधायक राजेश मूणत के सवाल पर सरकार ने लिखित जवाब में बताया कि पुलिस विभाग में किराए की गाड़ियों और उनसे जुड़े खर्चों पर भारी रकम खर्च की गई है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बीते एक साल में पुलिस विभाग ने 61,347 वाहन किराए पर लिए, जिन पर 130 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि नक्सल प्रभावित जिलों बीजापुर और नारायणपुर में रायपुर से भी ज्यादा गाड़ियां किराए पर ली गईं।
आंकड़ों के मुताबिक रायपुर पुलिस ने किराए की गाड़ियों पर 15.51 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि बीजापुर पुलिस ने 26.30 करोड़ रुपए किराए के वाहनों पर खर्च कर दिए।
सिर्फ किराए ही नहीं, बल्कि सरकारी और निजी वाहनों के डीजल-पेट्रोल पर 148 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसके अलावा वाहनों की मरम्मत के नाम पर 41 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जबकि अन्य मदों में भी करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी दी गई है।
इस तरह कुल मिलाकर एक साल से भी कम समय में गाड़ियों पर करीब 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का खुलासा हुआ है, जिसे लेकर विधानसभा में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
