रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अधिकारी-कर्मचारियों की पेंशन को लेकर बड़ा मुद्दा उठा, जहां नई पेंशन योजना (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापसी को लेकर अहम चर्चा हुई।
विधायक पुन्नूलाल मोहले ने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि प्रदेश में कितने कर्मचारियों ने NPS छोड़कर OPS अपनाया है और 2004 से पहले व बाद में नियुक्त कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था कैसे संचालित हो रही है।
इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि राज्य में 2,91,797 अधिकारी-कर्मचारियों ने NPS से वापस OPS का विकल्प चुना है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि OPS का संचालन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के तहत किया जा रहा है, जिसके अनुसार कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य लाभ सुनिश्चित किए जाते हैं। साथ ही, 2004 से पहले और बाद में नियुक्त कर्मचारियों के लिए अलग-अलग निर्धारित नियमों के तहत पेंशन योजनाएं लागू हैं।
पेंशन फंड की स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 15 फरवरी 2026 तक राज्य की पेंशन निधि में 1,068 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि कुल निधि बढ़कर 1120.53 करोड़ रुपये हो चुकी है।
सदन में पेश आंकड़ों से साफ है कि कर्मचारी OPS को अधिक सुरक्षित मान रहे हैं, क्योंकि इसमें निश्चित पेंशन की गारंटी होती है, जबकि NPS बाजार आधारित योजना होने के कारण इसके रिटर्न अनिश्चित रहते हैं।
