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बलौदाबाजार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया राशि अंतरण, कहा– श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम



रायपुर, 25 मार्च।
किसानों के बाद अब भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए भी नवरात्रि खुशहाली का संदेश लेकर आई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं अब सीधे लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि Narendra Modi की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस बार उत्साह के साथ होली मनाई, वहीं महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को मिली आर्थिक सहायता से उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी आवास मिलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।


मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए Guru Ghasidas, Kabir और Veer Narayan Singh को नमन किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। साथ ही प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन और रामलला दर्शन तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।


उन्होंने बिजली बिल समाधान योजना का जिक्र करते हुए बताया कि कोरोना काल के लंबित बिजली बिलों के निपटान के लिए विशेष छूट और आसान किस्तों की सुविधा दी जा रही है। यह योजना जून तक लागू रहेगी और इसके लिए प्रदेशभर में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि वर्षों से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र अब शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


इस मौके पर राजस्व मंत्री Tankaram Verma ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा दोनों मजबूत हुए हैं।


कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री Guru Khushwant Sahib, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Gaurishankar Agrawal सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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