जगदलपुर
Amit Shah ने जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत अब नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह सपना सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, बलिदान और संयुक्त प्रयासों से पूरा हुआ है। शाह ने कहा कि 1971 से लेकर 31 मार्च 2026 तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों ने रक्तपात, भय और विकासहीनता का दौर देखा, लेकिन अब बस्तर नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि 24 अगस्त 2024 को नक्सल उन्मूलन का सार्वजनिक संकल्प लिया गया था और बंद कमरे में इसकी रणनीति पहले ही 21 जनवरी 2024 को तय कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 वर्षों में जवानों ने नक्सलवाद की कमर तोड़ दी।
“शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा” की शुरुआत
अमित शाह ने बस्तर में “शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा” योजना की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बने करीब 200 सुरक्षा कैंपों में से 70 कैंपों को अब जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों में खेती, स्वास्थ्य, स्कूल, जरूरी दस्तावेज, कौशल विकास केंद्र और प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि NIT के सहयोग से यह कार्य तीन महीने में पूरा किया जाएगा।
“बस्तर का स्वाद और संस्कृति देश में सबसे अलग”
गृह मंत्री ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों और संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा स्वाद उन्होंने देश में कहीं नहीं चखा। उन्होंने कहा कि खेल, संगीत, कला और आदिवासी परंपराएं लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण दबकर रह गई थीं।
पुनर्वासित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
सभा में मौजूद पुनर्वासित माओवादियों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि कई युवाओं को बचपन में ही नक्सली संगठन उठा ले जाते थे। उन्होंने कहा कि अब ऐसे लोग समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं और कई पूर्व माओवादी अब DRG में शामिल होकर नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 3 हजार पुनर्वासित माओवादियों को समाज से जोड़ने के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने उनके परिवारों से कहा कि जल्द ही उनके अपने लोग सुरक्षित और सामान्य जीवन के साथ उनके बीच लौटेंगे।
DRG, कोबरा और CRPF की जमकर तारीफ
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सबसे प्रभावी लड़ाई DRG और कोबरा बटालियन ने लड़ी। उन्होंने CRPF और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका की भी सराहना की। शाह ने विशेष रूप से “ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट” का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों आईईडी के बीच जवानों ने पहाड़ी इलाकों को खाली कराया, जिससे नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि यदि जवान उस क्षेत्र को खाली नहीं कराते तो नक्सलवाद खत्म करने में और देरी होती। जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना कर्तव्य निभाया।
“अब बस्तर बनेगा देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र”
गृह मंत्री ने कहा कि विकसित बस्तर के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पिछले 50 वर्षों में बस्तर को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई आने वाले 3-4 वर्षों में की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, राशन, गैस और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर गांव तक पहुंचाई जाएंगी। तेंदूपत्ता और धान का पूरा पैसा सीधे आदिवासियों के बैंक खातों में जाएगा। उन्होंने कहा कि अब किसी आदिवासी की हत्या नहीं होगी और नक्सली हिंसा की घटनाएं अतीत बन जाएंगी।
अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने दावा किया कि अगले 5 वर्षों में बस्तर देश के सभी आदिवासी क्षेत्रों में सबसे विकसित क्षेत्र बनकर उभरेगा।
