गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी मजबूती मिली है। वन अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई को चुनौती देने वाली रिट याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामले में प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्यों ने टाइगर रिजर्व प्रबंधन के पक्ष को मजबूती प्रदान की।
जानकारी के अनुसार, टाइगर रिजर्व के छह प्रमुख क्षेत्रों में वन भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की स्थिति थी। कार्रवाई के दौरान 276 व्यक्तियों को बेदखल कर 595.76 हेक्टेयर अतिक्रमित वन भूमि को पुनः प्राप्त किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, 60.7 हेक्टेयर भूमि को सफलतापूर्वक अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
वन विभाग के मुताबिक, अतिक्रमण हटने से रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और रहवास के लिए अधिक क्षेत्र उपलब्ध हुआ है। इससे वन्यजीव संरक्षण और उनके सुरक्षित विचरण को गति मिलने की उम्मीद है। प्रबंधन का मानना है कि अतिक्रमण मुक्त वन क्षेत्र बढ़ने से टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा और आने वाले समय में वन्यजीवों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है।
