पांच करोड़ रुपये तक के निर्माण व नवीनीकरण कार्य होंगे, बर्न वार्ड से लेकर अस्पताल की बिजली व्यवस्था तक में होगा सुधार
बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा शिक्षा की अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित स्वशासी समिति की सामान्य सभा की बैठक में पांच करोड़ रुपये तक के निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी गई। अस्पताल के विभिन्न वार्डों के लिए 200 नए बेड और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 500 केवीए क्षमता के तीन जनरेटर खरीदने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में अस्पताल के पेडिंग वार्ड के निर्माण एवं नवीनीकरण और बर्न वार्ड के उन्नयन संबंधी प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा अस्पताल परिसर के भवनों की रंगाई-पुताई तथा वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करने पर भी सहमति बनी। इन कार्यों से अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज की अधोसंरचना भी होगी मजबूत
सिम्स मेडिकल कॉलेज में रजत जयंती समारोह के आयोजन, रजत जयंती स्तंभ के निर्माण और ऑडिटोरियम की रंगाई-पुताई सहित अन्य सिविल कार्यों को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही सेंट्रल एयर कंडीशनिंग और वीआरवी सिस्टम, एसीपी कार्य तथा महाविद्यालय भवन के तीसरे तल पर शेड निर्माण के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में स्किल लैब के तीसरे तल पर डक्टिंग, मॉर्चुरी भवन के ऊपर अतिरिक्त कक्ष निर्माण और मेडिकल कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार के नवीनीकरण को भी मंजूरी मिली।
बिजली आपूर्ति और मरीजों की सुविधाओं पर जोर
अस्पताल में 500 केवीए क्षमता के तीन डीजी सेट लगाए जाने से बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वहीं, 200 नए सेमी फाउलर आयरन बेड की खरीद से विभिन्न वार्डों में मरीजों के लिए बिस्तरों की उपलब्धता बढ़ेगी।
इन निर्णयों का उद्देश्य सिम्स में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं को अधिक बेहतर बनाना है। निर्माण, नवीनीकरण और उपकरणों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
