रायपुर पुलिस की महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में दबिश; 1.38 करोड़ रुपये बैंक खातों में कराए गए होल्ड, फर्जी प्रोफाइल से कंपनी के अकाउंटेंट को बनाया था निशाना
रायपुर, 31 अक्टूबर। व्हाट्सएप पर कंपनी के अधिकारियों की फर्जी पहचान और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर से तीन और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर दो अलग-अलग कंपनियों से कुल 2 करोड़ 93 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में 1 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि होल्ड कराई है।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की पहली घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। राठी बंधुस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय राठी के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर आरोपियों ने कंपनी के अकाउंटेंट को व्हाट्सएप संदेश भेजे और बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अकाउंटेंट ने निर्देशों को वास्तविक समझकर कंपनी के खाते से 93 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिए।
दूसरी घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है। यहां ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड कंपनी के अधिकृत व्यक्ति अंशुल शर्मा की फर्जी पहचान बनाकर अकाउंटेंट को संदेश भेजा गया। इसके बाद टी-के कंस्ट्रक्शन के बैंक खाते में दो करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
महाराष्ट्र और यूपी में पुलिस की दबिश
दोनों मामलों में ठगी का तरीका एक जैसा मिलने पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, टिकरापारा और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप प्रोफाइल, बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में मिली।
महाराष्ट्र के उल्हासनगर से आकाश चुथ, साहिल नथानी और राज जुमानी को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 25 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और तीन पासबुक जब्त की गईं। वहीं प्रयागराज से विनय श्रीवास्तव और विनोद कुमार को गिरफ्तार कर दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को प्रयागराज न्यायालय से जमानत पर रिहा किया गया है और आगे की विवेचना के लिए उन्हें रायपुर लाने की प्रक्रिया की जा रही है।
1.38 करोड़ रुपये होल्ड, नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस ने टिकरापारा मामले में 24 लाख रुपये और तेलीबांधा मामले में 1 करोड़ 14 लाख रुपये, कुल 1 करोड़ 38 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराए हैं। जांच में टिकरापारा मामले के तीनों गिरफ्तार आरोपियों की तेलीबांधा में हुई दो करोड़ रुपये की ठगी में भी संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी की रकम के लेन-देन और जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोन रॉबिन्सन गुरिया और पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन तारकेश्वर पटेल की मॉनिटरिंग में की गई।
