रायपुर। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) कार्यालय में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बैठक के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। हालांकि, बिजली कटौती के बावजूद बैठक को स्थगित नहीं किया गया और अधिकारियों ने टॉर्च, मोबाइल की फ्लैशलाइट तथा लैम्प की रोशनी में ही बैठक जारी रखी।
पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जोन के सभी राजपत्रित अधिकारी, उरला और पंडरी अनुभाग के थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए। बैठक में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा जनहित में संवेदनशील और अनुशासित पुलिसिंग को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
डीसीपी ने क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने, बैंकों एवं एटीएम की नियमित जांच, रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने तथा गश्त व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गुंडा-बदमाशों, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने तथा चाकूबाजी, नशे से जुड़े अपराधों और अन्य अवैध गतिविधियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

बैठक में बाल एवं महिला अपराध, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत गंभीर अपराधों और साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित जांच, आम नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार और पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) आकाश मरकाम, एसीपी उरला पूर्णिमा लामा सहित सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे। बिजली कटौती के बावजूद टॉर्च, मोबाइल लाइट और लैम्प की रोशनी में बैठक का निर्बाध रूप से जारी रहना पूरे आयोजन का सबसे चर्चित पहलू रहा।
