चन्द्रिका तिवारी हुए निलम्बित, निगम के प्रभारी आयुक्त ने जारी किया आदेश

कोरिया / नगर पालिक निगम चिरिमिरी के लीडिंग फायरमेन वाहन चालक के ऊपर हाल ही में गंभीर आरोप लगे थे। यह आरोप भाजपा नेत्री चमेली पांडेय ने लगाते हुए तत्काल सेवा से मुक्त करने व सेवाकाल के दौरान बनाई गई संपत्ति आदि को जप्त करने के लिए निगम आयुक्त को पत्र लिखा था। जिस पर निगम प्रभारी आयुक्त डी के शर्मा ने चन्द्रिका तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रभारी आयुक्त के आदेश के मुताबित इन्हें माननीय न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाने के कारण निलंबित किया गया है साथ ही इस बात का भी उल्लेख है कि निलम्बन अवधि पर चन्द्रिका तिवारी को चिरिमिरी में होना आवश्यक होगा अथवा जीवन निर्वाह भत्ता की इन्हें पात्रता होगी।

IMG-20170921-WA0047
क्या है पुरा मामला –
आपको बता दे कि यह पूरा मामला निगम चिरिमिरी के वाहन चालक चन्द्रिका तिवारी से जुड़ा हुआ है। इनके विरुद्ध वर्ष 2002 में पोड़ी थाना में अपराध क्रमांक 47/2002 भा द वी की धारा 29, 506, 323 का अपराध दर्ज किया गया था जिस पर माननीय बैकुण्ठपुर न्यायालय द्वारा धारा 323 के अपराध पर 500 रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया गया था।

इस घटना की शिकायत श्रीमती चमेली पांडेय ने पत्र द्वारा निगम आयुक्त को दी जिस पर लिखा था कि अपराध पर अर्थ दंड के वावजुद चन्द्रिका तिवारी को पिछले कई वर्षों से लगातार पदोंन्नति देते हुए लाभ के पदों पर पदस्थ किया गया है। श्रीमती पांडेय ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सेवा शर्तो का उलंघन है, जिससे अनुशासन भंग हो रहा है व निगम के हितों की हानि हो रही है। चन्द्रिका तिवारी को तत्काल सेवा से मुक्त कर उनके पुरे सेवाकाल में खर्च की गई राशि उनके द्वारा बनाई गई सम्पति की जाँच कर सम्पति को जप्त कर इनके विरुद्ध न्यायसम्मत कार्यवाही की जाए अन्यथा उच्य न्यायलय बिलासपुर जाने श्रीमती पांडेय बाध्य हो जाएंगी।

बहरहाल इस आदेश से भी कई सवाल नए उठ रहे है जो कि जनचर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा बताया जा रहा है चन्द्रिका तिवारी और निगम के प्रभारी आयुक्त के बीच काफी मनमुटाव था। किसी बात को लेकर इनकी आपसी लड़ाई भी थी और यही कारण है कि शिकायत पत्र मिलते प्रभारी आयुक्त ने यह निलम्बन आदेश जारी कर दिया।

error: Content is protected !!