रायपुर / भाजपा नेताओं के बयान पर पलटवार करते हुये कांग्रेस संचार विभाग की सदस्य किरणमयी नायक ने कहा है कि रमन सिंह धान विरोधी, किसान विरोधी, छत्तीसगढ़ विरोधी है।
2013 में चुनाव के पहले 2100 समर्थन मूल्य और दाना-दाना धान खरीदने की बात का वादा करने और 300 रू. प्रति एकड़ की दर से बोनस का वादा करने के बावजूद तीन साल तक किसानों को लगातार छलते रहे। राज्य और केंद्र के सरकार लाने के बावजूद आज तक छत्तीसगढ़ के किसान पूरी तरह से भाजपा सरकार से हताश एवं निराश है। किसान आत्महत्या की दर छत्तीसगढ़ में बढ़ गयी है। छत्तीसगढ़ के 22 जिले सूखे की चपेट में है। किसानों के भूख से मरने की स्थिति पूरे छत्तीसगढ़ में है और किसान इस बात को मान चुके है कि इस जुमले बाज सरकार से कोई राहत नहीं मिलने वाली है, ऐसी दशा में जब जनता, नेता को पूछना ही छोड़ दे तब नेता के बुरे दिनों की शुरूआत हो जाती है। कल चंद्रग्रहण था इसी दिन से भाजपा सरकार को जनग्रहण लग गया। इसलिये स्वंय मुख्यमंत्री को जनता को फोन कर हालचाल पूछना पड़ रहा है? यह हकीकत नहीं प्रायोजित कार्यक्रम है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है? क्या आजतक इस सरकार सेे कृषि विशेषज्ञों नेे ऐसी कोई रिपोर्ट दी है कि छत्तीसगढ़ में अब धान की नहीं गेंहू और चने की खेती ही लाभप्रद है? मुख्यमंत्री जी को यह बात कहां से पता चली है? मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ के किसानों की कार्यशैली और तकलीफ का पता नहीं है और रमन सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन हो चुकी है।
