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अंजनहिल खदान हादसे की 8वीं बरसी आज,16 कामगारों की हुई थी मौत पर गुनहगार नहीं निकला कोई

** कोर्ट ऑफ इनक्वारी की रिपोर्ट ने प्राकृतिक आपदा से दुर्घटना होने की पुस्टि
** 6 मई 2010 के नाम कोल इण्डिया का काला दिन
** मामले में एक भी शिकायतकर्ता ने पुलिस का दरवाजा नही खट-खटाया
** पांचो श्रम संगठनो ने पेश रिपोर्ट में दे दी सहमति कहा जाँच रिपोर्ट सही है 
** मिथेन कोल डस्ट एक्सप्लोजन की बात गायब

कोरिया / चिरमिरी / 6 मई 2010 चिरमिरी सहित पुरे कोल इण्डिया का सबसे बड़ा काले दिन के रूप में मनाया जाने वाला दिन है। पिछले 8 वर्ष पूर्व आज के ही दिन 6 मई 2010 को शहर के बरतुंगा कॉलरी स्थित अंजनहिल भूमिगत खदान के रूप में संचालित कोयला खदान जिसमे कार्य के दौरान शहर के कुल 16 कॉलरी कर्मियो की मौत के साथ दर्जनों की संख्या में कॉलरी कर्मियों को अपनी चपेट में ले लिया था। जिसकी बीते दिवस कोर्ट ऑफ इन्क्वारी ने अपनी जाँच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश करते हुए एसईसीएल एजेंसी को क्लीन चिट दे दिया और SECl को पुरे मामले से बाहर कर दिया। जिसने अपनी रिपोर्ट में इस बड़ी दुर्घटना को प्राकृतिक आपदा का नाम देते हुए 16 श्रमिकों की मौत से बरी कर दिया। बता दे कि इतनी बड़ी दुर्घटना का एसईसीएल के अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारी को इसका जिम्मेदार नहीं होने की बात कही गई है। जो आज उसकी आठवी बरसी में चिरमिरी शहर के लोगो को अंदर ही अंदर परेशान कर रही है। 

गौरतलब हो कि 6 मई 2010 को एस.ई.सी.एल. चिरमिरी क्षेत्र की अन्जन हिल खदान में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। जिसमें 16 श्रमीकों की मौत हो गई थी। शुरूआती जानकारी के तहत यह घटना मिथेन कोल डस्ट एक्सप्लोजन से हुई थी जिसनें कई जानों सहित उनके परीवार की जिन्दगी तबाह कर दी।

6 माह पहले ही खदान पर ताला लगाने का दिया था आदेश – एक जानकारी के अनुसार कोलकाता में कोल इंडिया की अपेक्स कमेटी की बैठक हुई थी। इस दौरान कोल इंडिया की 137 खदानों को बंद करने का निर्णय लिया गया था। जिसमें अंजनहिल खदान को भी हमेशा के लिए ताला लगाने का आदेश जारी किया गया। जबकि इस आदेश के बाद अब उसकी बरसी में कोर्ट ऑफ इनक्वारी के द्वारा पुरे मामले की जो रिपोर्ट पेश की गई है। वह भी चौकाने वाली साबित हो रही है। दुर्घटना के बाद लगभग आठ वर्षो के इस लंबे अंतराल में आई रिपोर्ट ने स्थानीय लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया और आज स्थानीय लोग पुरे मामले में एसईसीएल को ही दोषी मान रहे है की एसईसीएल एजेंसी द्वारा गुपचुप तरीके से इस जाँच को अपने पक्ष में लेते हुए मामले को प्राकृतिक आपदा का नाम दे दिया और अपने साथ शहर की सभी पांचो श्रम संगठनो को भी जोड़ लिया जो आज उसकी रिपोर्ट पर अपनी सहमति दे रहे है।

16 लोगों की हुई थी मौत – आपको बता दे कि वर्ष 2010 में अंजनहिल भूमिगत खदान में हादसा होने के कारण 16 अधिकारी-कर्मचारियों की मौत हो गई थी मामले में घटना के बाद से स्थानीय एसईसीएल प्रबंधन ने माइंस से तत्काल कोयले का उत्खनन बंद कर दिया था। केवल औपचारिकता के तौर पर अन्य कार्यों को अंजाम दिया जा रहा था। इसी अंजनहिल माइंस दुर्घटना को एसईसीएल ने अपने कोल इण्डिया में आज तक की सबसे बड़ी खान दुर्घटना के तौर पर रखा। कोल इंडिया की लंबी जांच और कार्यवाई के बाद बीते कुछ दिवस पहले ही इस खदान को भूमिगत परियोजना से हटाते हुए ताला लगाने का आदेश जारी किया गया है। 

अब ओपन कास्ट प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव भेजा – एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के अनुसार अंजनहिल भूमिगत खदान को अधिकृत रूप से ताला लगाने का निर्णय लिया गया है वहीं भूमिगत खदान को ओपन कास्ट परियोजना के रूप में शुरू करने के लिए हेड क्वार्टर को प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि ओपन कास्ट प्रोजेक्ट बनाने की प्रक्रिया में काफी लंबा समय लग सकता है। खदानों के ऊपर शहर की सबसे घनी आबादी बसी हुई है जिससे आबादी को विस्थापित कर दूसरे स्थान पर बसाने में काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है। बरतुंगा कॉलरी में संचालित अंजनहिल भूमिगत माइंस लगभग सात वर्ष पहले ही बंद हो गई है जिसे आज भी काफी लंबे प्रयास के बाद उसमे लगी आग नहीं रुक रही।


बजरंगी शाही सदस्य श्रमिक कल्याण बोर्ड चिरमिरी – अंजनहिल खान दुर्घटना की आज आठवी बरसी है। वह दिन हमारे लिए सबसे कला दिन था। जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता। हालाकि दुर्घटना के इस आठ वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वारी का जो फैसला यहाँ है, उसका हम सम्मान करते है। एसईसीएल एजेंसी ने घटना दिवस के बाद जो भी वादा किया गया था वह सभी पुरे कर दिए गए है। शहीद श्रमिकों को मुआवजा राशि के साथ उनकी सभी जरुरतो को पूरा किया गया है। बच्चे अच्छे स्कुलो में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन परिवारो को आज भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है कोर्ट ऑफ इन्क्वारी की रिपोर्ट से हम सहमत है।


शोयब अख्तर जिला अध्यक्ष इंटक कोरिया – 6 मई 2010 चिरमिरी के लिए काला दिवस रहा। प्रबंधन की लापरवाही से 16 लोग अकास्मिक काल के गाल में समा गए। जांच एजेंसियां गुपचुप तरीके से जांच की और इस तरह से इन हादसों का कोई जिम्मेदार नहीं बना और सभी भ्रष्ट जिम्मेदार अफसर बरी हो गए।


विवेक शुक्ला पुलिस अधिक्षक कोरिया – मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। घटना काफी समय पुरानी है आप को आज नहीं दो से तीन दिवस के बाद ही इस मामले में कोई जानकारी ले सकते है। बिना जानकारी के मै कुछ नहीं बता सकता।

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