नीरज गुप्ता की रिपोर्ट
** ₹40000 की कटौती न्याय संगत नहीं
कोरिया / एस ई सी एल की कोयला खदानों में कार्यरत श्रम संघ संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक यूनियन के केंद्रीय महामंत्री हरिद्वार सिंह ने कोयला कर्मचारियों के 10वां वेतन समझौता की शेष 30% राशि में से कोयला प्रबंधन द्वारा कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के उपरांत मेडिकल क्लेम के नाम पर ₹40000 की कटौती अभी से करने का कड़ा विरोध करते हुए निदेशक कार्मिक एसईसीएल से तत्काल कटौती बंद करने की मांग की है।
केंद्रीय महामंत्री हरिद्वार सिंह ने कहां की दिनांक 13 जुलाई 2018 को कोल् इंडिया की स्टैंडर्डरायजेशन कमेटी की बैठक हुई है। जिसमें मात्र हिंद मजदूर सभा व भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में सीटू एवं एटक यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग नहीं लिया। उक्त बैठक के बाद ही इंप्लीमेंटेशन इंस्ट्रक्शंस 13, 14, 15, 16 जारी हुए व दिनांक 7 अगस्त 2018 को कोल इंडिया के द्वारा कर्मचारियों का बकाया 30% एरियर्स के भुगतान का आदेश जारी हुआ। इस आदेश में इंप्लीमेंटेशन इंस्ट्रक्शन 13 का हवाला देते हुए पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम की राशि काटने के बाद शेष राशि के भुगतान का जिक्र किया गया है। साथ ही Excerpt of Contribution Structure Annexure-C का भी जिक्र करते हुए स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया कि कोयला कर्मचारी जो 30 जून 2016 को कंपनी के रोल में थे या उसके बाद ज्वाइन किए हैं सभी स्कीम के तहत आएंगे और सभी से मेडिकल स्कीम के तहत ₹40000 की राशि काटी जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों में एरियर्स की सीट तैयार हो चुकी है और ऐसी जानकारी प्राप्त हो रही है कि एरियर्स में से प्रति कामगार ₹40000 की कटौती की जा रही है। जिससे कि कर्मचारियों को मिलने वाली एरियर की राशि बहुत ही कम हो जाएगी यह न्याय संगत नहीं है। कई ऐसे कोयला कर्मचारी हैं जिनकी नौकरी आगामी 25 से 30 साल तक रहेगी इसके अतिरिक्त कई ऐसे कर्मचारी हैं जो विगत 1 वर्षों में ही कंपनी की सेवा में आए हैं ऐसे कर्मचारियों के वेतन से सेवानिवृत्ति के पश्चात मिलने वाले मेडिकल सुविधा के नाम पर अभी से ₹40000 की कटौती करना पूरी तरह नियम विरुद्ध व श्रमिक विरोधी है। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) इसकी घोर निंदा करता है और ₹40000 की राशि कटौती को रोकने का भरपूर प्रयास करने का आश्वासन देता है।
दसवे वेतन समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने के बावजूद दिनांक 13 जुलाई 2018 की स्टैंडर्डरायजेशन कमेटी की मीटिंग के बाद कई बिंदुओं को लागू कराने एवं इंप्लीमेंटेशन इंस्ट्रक्शंस जारी कराने का ढिंढोरा एच एम एस यूनियन के साथी पीट रहे थे और अब रू. 40000 की कटौती के सवाल पर कह रहे हैं कि हमने समझौता नहीं किया है। वह अब इस बात का जवाब दें कि प्रत्येक कामगार के एरियर्स में से ₹40000 की राशि काटने का निर्णय जो आपने दिनांक 13 जुलाई 2018 को स्टैंडर्डरायजेशन कमेटी की बैठक में लिया है, वह किसके इशारे पर लिया गया श्रम संघों की स्थापना श्रमिक हित के लिए की गई थी ना कि श्रमिकों के पीठ में छुरा भोंकने के लिए। यह कृत्य हिंद मजदूर सभा के जिम्मेदार पदाधिकारी के दोहरे चरित्र को उजागर करता है एटक यूनियन सदैव श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है श्रमिक हितों की रक्षा व सुविधाओं की बढ़ोतरी के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
