कोरिया / कोरिया जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्रियता एवं तत्परता से एक बार फिर एक और नाबालिग छात्रा का बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की है।
दरअसल जिले के डुमरिया क्षेत्र के सरना पारा ई 16 साल की छात्रा का विवाह उसके परिजनों ने 24 फरवरी को तय किया था। इसकी जानकारी सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक को मिलने पर उन्होंने इसकी जानकारी अपने विभाग के डीपीओ सीएस सिसोदिया को दी। डीपीओ का निर्देश पर जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम से सामाजिक कार्यकर्ता मल्लिका खातून, आउटरीच वर्कर संजीव कुमार साहू तथा सखी वन स्टॉप की केंद्र प्रशासक रानी बडेरिया पटना पुलिस के साथ शनिवार को डुमरिया के सरना पारा पहुंचे। जहां पहुंचकर जांच में उन्होंने पाया कि छात्रा का जन्म 2003 में हुआ है और वह कक्षा दसवीं की छात्रा है।
इस पर उन्होंने परिजनों को समझाएं और बालिग होने के बाद ही विवाह करने को कहा। जिसके बाद छात्रा के परिजन बालिका का विवाह रोकने एवं उसके बालिग होने पर ही विवाह करने की बात कही।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रवेश सिंह सिसोदिया ने बताया कि बाल विवाह के प्रति गांव-गांव में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान भी जोरों पर है। यही वजह है कि गांव के लोग अब जागरूक हो रहे हैं।
