कोरिया / प्रेमाबाग स्थित प्रेमाशंकर महादेव मंदिर बैकुण्ठपुर में देवराहा सेवा समिति द्वारा 15 मार्च से 22 मार्च तक चल रही श्रीमद् भागवत कथा को सुदामा चरित्र एवं फूलों की होली के साथ विश्राम दिया गया।
अंतिम दिन कथा का आरंभ करते हुए कथा व्यास पुज्य देवी मानस माधुरी ( मधु पाठक ) बृन्दावन ने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सागर का सार सुनाया। अंत में सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने मित्रता को परिभाषित किया। कथा व्यास ने कहा मित्रता में स्वार्थ का कोई स्थान नहीं है। मगर मित्र से कोई बात कहने या उसकी बात सुनने में संकोच भी नहीं करना चाहिए। मित्रता में जहां स्वार्थ आ जाता है वहां वह मित्रता न रहकर स्वार्थी संबंध रह जाते हैं।
आखिर में कथा व्यास पुज्य देवी मानस माधुरी ने भजनों के साथ फूलों की होली का महत्व बताया। जिसके साथ हर ओर से पुष्प वर्षा होने लगी। श्रद्धालुओं ने जमकर फूलों की होली खेली और घण्टों नत्य किया।






