कोरिया / मनरेगा महासंघ के प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर कल से पूरे कोरिया जिले के कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन के सम्बंध में सभी ब्लॉक अध्यक्ष ने अपने अपने एस डी एम को ज्ञापन सौंप दिया है। कल से इस हड़ताल के प्रभावी ढंग से लागू होने के कारण पूरे जिले में मनरेगा मजदूरों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न होने की आशंका है। विदित हो कि मनरेगा योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 50 हजार से ज्यादा मजदूरों को रोजगार प्राप्त होता है। महासंघ के आवाहन पर कर्मचारी, अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायतों में काम करने वाले ग्राम रोजगार सहायक संघ ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। कल से शुरू हो रहे इस कलमबंद हड़ताल के बारे मे संघ के जिला पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के पहले कई सार्वजनिक मंच पर लिखित और मौखिक रूप से हमारे नियमितीकरण के लिए कहा था लेकिन तीन साल से सत्ता में बैठे हुए इस सरकार ने नियमितीकरण की दिशा में अब तक एक कदम भी नही उठाया है। सरकार के इस वायदाखिलाफी के विरुद्ध अब महासंघ के आवाहन पर प्रदेश स्तरीय व्यापक आंदोलन प्रारंभ कर दिया गया है जो कि नियमितीकरण की मांग पूरी होने के बाद ही रुकेगा। पदाधिकारियों ने बताया कि 10,15 वर्षों से सेवाएं देने के बाद भी अनियमित होने का दंश झेल रहे परिवारों का भविष्य अंधकारमय है। संविदाकर्मियों की तनख्वाह अत्यंत कम है और तीन साल से एक भी वेतनवृद्धि नही दी गई है। संविदाकर्मियों की मृत्यु पर केवल एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता के अलावा कुछ भी नही मिलता है। हमे सिविल सेवा आचरण नियम के तहत सिर्फ नोटिस दिया जाता है और उसके आगे कार्यवाही करने के लिए संविदा नियम लगाया जाता है इसलिए हमारी मांग है कि हमे सिविल सेवा आचरण नियम1966 के अधीन नियमित किया जाए। आंदोलन के पहले चरण में सभी ब्लॉक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन प्रारम्भ किया जाएगा। इसके बाद 11 को महारैली आयोजित किया जाना है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मनरेगा योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक अधिकारी कर्मचारियों के भविष्य की यह लड़ाई अब नियमितीकरण पाकर ही समाप्त होगी।
कल से आंदोलन की राह पर होंगे मनरेगा अधिकारी कर्मचारी हजारों पंजीकृत मजदूरों के सामने होगा दैनिक रोजगार का संकट
