जेपी नड्डा, अमित शाह से लेकर सीएम विष्णुदेव साय तक होंगे शामिल, मैनपाट बना राजनीतिक गर्मी का केंद्र
अंबिकापुर।
छत्तीसगढ़ की सियासत का पारा इन दिनों शीतल पहाड़ियों की गोद में चढ़ने जा रहा है। ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ माने जाने वाले मैनपाट में 7 से 9 जुलाई तक भाजपा का प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित होने जा रहा है। यह कोई सामान्य शिविर नहीं, बल्कि भाजपा के लिए आगामी रणनीति, संगठन और सरकार के समन्वय का “तीर्थ” साबित हो सकता है।
पूरी सरकार मैनपाट में मौजूद रहेगी
तीन दिन चलने वाले इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सभी 10 लोकसभा सांसद, 54 विधायक और राज्यसभा सदस्य हिस्सा लेंगे। यानी एक तरह से सरकार और संगठन मैनपाट में कैम्प करने जा रहे हैं।
दिल्ली दरबार भी होगा शामिल
शिविर की सबसे बड़ी खासियत भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय यहां पहुंचकर पार्टी के जनप्रतिनिधियों को संगठन की रीति-नीति और अनुशासन का पाठ पढ़ाएंगे।
सत्र दर सत्र होगी सियासी क्लास
मैनपाट के तिब्बती कैम्प क्रमांक-1 स्थित कम्युनिटी हॉल में यह शिविर आयोजित होगा। कुल 18 सत्र होंगे, जिनमें प्रत्येक 45 मिनट का होगा। इन सत्रों में पार्टी की विचारधारा, चुनावी रणनीति, जमीनी कामकाज और सरकार-संगठन के तालमेल जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
शाही ठहराव, चाक-चौबंद सुरक्षा
सांसदों और विधायकों के लिए मैनपाट के प्रमुख रिसॉर्ट्स — शैला रिसॉर्ट, करमा रिसॉर्ट, तिब्बती रिसॉर्ट आदि में ठहरने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के लिए PWD के नए विश्रामगृह में विशेष प्रोटोकॉल के तहत इंतजाम किया गया है, जिसे CCTV कैमरों से पूरी तरह लैस किया गया है। शिविर के दौरान मैनपाट की सुरक्षा पूरी तरह चाक-चौबंद रहेगी।
बारिश, पहाड़ और राजनीति की ताजगी
एक तरफ जहां बारिश के बीच मैनपाट का मौसम पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, वहीं भाजपा ने इस मौसम में यहां शिविर लगाकर एक बड़ा सियासी संदेश भी दिया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि तीन दिनों के इस राजनीतिक मंथन से भाजपा को कितना अमृत निकलता है।
