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सख्त अनुशासन, फोन बाहर, नेताओं को मिली सख्त नसीहतें, मैनपाट बना भाजपा का ‘राजनीतिक तपोवन’

जेपी नड्डा ने खोला शिविर, अमित शाह करेंगे समापन

मैनपाट (सरगुजा), 7 जुलाई |
छत्तीसगढ़ का मैनपाट इन दिनों केवल पहाड़ी ठंडक से नहीं, बल्कि भाजपा के ‘राजनीतिक उबाल’ से भी गर्माया हुआ है। यहां भाजपा का तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आज से शुरू हो गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शिविर का शुभारंभ करते हुए सभी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को विचारधारा और जवाबदेही का पाठ पढ़ाया।

‘हमारा विचार और पंच प्रण’ पर जोर

शिविर के पहले दिन नड्डा ने करीब 2 घंटे तक प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने भाजपा के मूल विचार, संगठन की कार्यपद्धति, पंच प्रण और पार्टी अनुशासन पर विस्तार से चर्चा की।
नड्डा का स्पष्ट संदेश: “जनप्रतिनिधि जनता से विनम्र रहें, संयमित व्यवहार करें,

विभागों में भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए,
और मीडिया में बेतुकी बयानबाजी से दूर रहें।”

फोन बाहर, फोकस अंदर!

प्रशिक्षण शिविर में इस बार सख्त अनुशासन देखने को मिला। सभी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के मोबाइल फोन हॉल के बाहर टेबल पर जमा करवाए गए। हर किसी ने नाम लिखकर अपना फोन बाहर रखा।
कोई मोबाइल नहीं, कोई विचलन नहीं — सिर्फ प्रशिक्षण।

मंच से कौन-कौन बोल रहा?

पहले दिन के सत्रों में जेपी नड्डा के साथ शिव प्रकाश, वी. सतीश और अजय जामवाल ने भी विचार साझा किए।
आगामी सत्रों में ये दिग्गज नेता मंच संभालेंगे:

शिवराज सिंह चौहान

विनोद तावड़े

बीएल संतोष

नितिन नबीन

समापन पर आएंगे अमित शाह

तीन दिवसीय शिविर का समापन 9 जुलाई को होगा, जब देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं मैनपाट पहुंचकर प्रतिनिधियों को अंतिम मार्गदर्शन देंगे। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि शाह का संदेश 2028 के मिशन की रूपरेखा तय कर सकता है।

मैनपाट: तपोवन या रणनीतिक लैब?

जहां एक ओर कांग्रेस इस शिविर को ‘करप्शन छिपाने की ट्रेनिंग’ बता रही है, वहीं भाजपा इसे ‘राजनीतिक शुद्धिकरण’ और ‘संस्कार निर्माण’ का केंद्र मान रही है। मैनपाट इन दिनों सच में छत्तीसगढ़ का ‘राजनीतिक तपोवन’ बन गया है।

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