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स्टील हब बनने की ओर छत्तीसगढ़: ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में बोले मुख्यमंत्री साय


रायपुर, 28 जुलाई 2025।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में देशभर के स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है, और ग्रीन स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान का भी प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित समिट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो चुका है, जिसे 2030 तक 300 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ में भी उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा चुके हैं।

खनिज संपदा से समृद्ध, अधोसंरचना से सुसज्जित छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है, बल्कि अब औद्योगिक अधोसंरचना के क्षेत्र में भी राज्य ने लंबी छलांग लगाई है। 47 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे नेटवर्क के दर्जनों प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है, जिससे स्टील उद्योग को लॉजिस्टिक सपोर्ट में बड़ा फायदा मिलेगा। किरंदुल-कोठागुडेम और रावघाट-जगदलपुर जैसी परियोजनाएँ भी इसमें शामिल हैं।

‘अंजोर विज़न’ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्राथमिकता में

मुख्यमंत्री ने ‘अंजोर विज़न डॉक्यूमेंट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की तर्ज पर राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के लिए स्पष्ट ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खासकर स्टील और पावर सेक्टर, को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से ज्यादा सुधार

राज्य सरकार ने उद्योग जगत को आकर्षित करने के लिए 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम और नई लॉजिस्टिक नीति को लागू कर उद्योगपतियों को अधिक सुविधा और पारदर्शिता उपलब्ध कराई जा रही है।

ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन तकनीक को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रीन एनर्जी अपनाने वाले उद्योगों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने राज्य में ग्रीन स्टील के लिए हाइड्रोजन तकनीक को उपयोग में लेने की दिशा में हो रहे प्रयासों की भी सराहना की। जलविद्युत और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

स्टील क्लस्टर और स्किल इंडिया सेंटर का लाभ उठाएं

साय ने कहा कि रायपुर, दुर्ग और भिलाई को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़ा स्टील क्लस्टर विकसित किया जाएगा। साथ ही बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया सेंटर खोले जा चुके हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध कराई जा सके।

250 से अधिक संस्थानों की सहभागिता

पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इस समिट में भाग लिया। मौके पर मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

इस समिट में CII छत्तीसगढ़ के चेयरमैन संजय जैन, को-चेयरमैन सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन बजरंग गोयल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत एवं उद्योग सचिव रजत कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


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