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रवि भगत ने सरकार के आयोजन पर खड़े किए सवाल, कहा – ‘विदेशियों और ईसाइयों के बहकावे में आकर हो रहा है जश्न’

रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का एक नया वीडियो शुक्रवार को सामने आया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

रवि भगत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) ने 9 अगस्त को विश्व मूल निवासी दिवस के रूप में घोषित किया था, लेकिन भारत में इसे विश्व आदिवासी दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नाम बदलकर मनाने की परंपरा “विदेशियों और ईसाई मिशनरियों के बहकावे” में आकर अपनाई गई है, जबकि मूल घोषणा का सम्मान किया जाना चाहिए।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “विश्व योग दिवस को पूरी दुनिया योग दिवस के रूप में ही मनाती है, न कि कराटे दिवस या कुश्ती दिवस के रूप में। तो फिर विश्व मूल निवासी दिवस को भारत में आदिवासी दिवस क्यों बनाया जा रहा है? इस तरह की पहल से अन्य वर्ग के लोग भी प्रभावित होते हैं और समाज में विभाजन का माहौल बनता है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की परंपरा में सभी समुदायों और संस्कृतियों का सम्मान है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय घोषणाओं का मनमाने तरीके से रूपांतरण करना सही नहीं है।

आगामी दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक तकरार का कारण बन सकता है।

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