रायपुर, 07 अक्टूबर 2025
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में शासन की कार्यपद्धतियां और परंपराएं पूरी तरह दूषित हो गई थीं। कांग्रेस ने न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं को नष्ट किया बल्कि शासकीय संस्थाओं को भी बर्बाद करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि उस समय संवैधानिक संस्थाएं और अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन स्वतंत्रता से नहीं कर पाते थे, क्योंकि केवल भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों का ही वर्चस्व था। इसका जीवंत उदाहरण सीजीपीएससी घोटाला है, जो कांग्रेस शासन की कार्यप्रणाली को उजागर करता है।
श्री शर्मा ने कहा कि आज कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता महिलाओं के सम्मान की बातें करते हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी के नेता और कार्यकर्ता महिला अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता कर रहे हैं। सूरजपुर में कांग्रेस नेता द्वारा महिला के साथ बलात्कार और हत्या, तथा रायपुर में एक महिला अधिकारी के साथ केबिन में घुसकर दुर्व्यवहार — ये घटनाएं कांग्रेस के दोहरे चरित्र को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शासनकाल में भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसी भी अधिकारी को अवैधानिक कार्य करने के लिए प्रेरित नहीं किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि आंकड़ों, दस्तावेजों और न्यायालयों के कथनों से प्रमाणित तथ्य हैं। कांग्रेस के कई विधायक और उनके करीबी विभिन्न घोटालों, हथियार आपूर्ति, अवैध रेत परिवहन, हत्या और पत्रकार की हत्या जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस यदि यह सोच रही है कि धरना या आंदोलन के माध्यम से दबाव बनाकर कार्रवाई से बच जाएगी, तो यह संभव नहीं है।
श्री शर्मा ने रायपुर की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसी महिला अधिकारी के चेंबर में घुसकर गाली-गलौज करना लोकतंत्र की मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि हमने भी विपक्ष में रहते आंदोलन किए, लेकिन कभी मर्यादा नहीं लांघी और किसी के दरवाजे के अंदर कदम नहीं रखा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अहम होती है, पर विरोध का कारण और तरीका भी लोकतांत्रिक होना चाहिए।
