रायपुर/चंदखुरी।
छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है और यही कारण है कि प्रदेशवासी उन्हें श्रद्धा से भांचा राम कहकर पुकारते हैं। राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कौशल्या माता मंदिर, चंदखुरी में स्थापित की जाने वाली भगवान श्रीराम की भव्य 51 फीट ऊंची प्रतिमा की स्थापना फिलहाल टल गई है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार खरमास की अवधि चलने के कारण यह निर्णय लिया गया है। यह जानकारी छत्तीसगढ़ शासन के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि खरमास के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों का आयोजन नहीं किया जाता। इसी परंपरा का पालन करते हुए भगवान श्रीराम की प्रतिमा की स्थापना को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि खरमास समाप्त होते ही अगले महीने शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रतिमा की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी।
ग्वालियर से रायपुर लाई जाएगी प्रतिमा
मंत्री ने बताया कि भगवान श्रीराम की यह भव्य प्रतिमा मध्य प्रदेश के ग्वालियर में तैयार की गई है। प्रतिमा का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और एक-दो दिन के भीतर इसे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर लाया जाएगा। इसके बाद आवश्यक तैयारियों के पश्चात चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में स्थापना की जाएगी।
वनवासी स्वरूप में नजर आएंगे भगवान श्रीराम
यह प्रतिमा भगवान श्रीराम के वनवासी स्वरूप को दर्शाती है, जो रामायणकालीन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। प्रतिमा का निर्माण राम वनपथ गमन परियोजना के अंतर्गत कराया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य भगवान श्रीराम से जुड़े उन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जहां उनके वनवास काल से जुड़े प्रसंग जुड़े हुए हैं।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
51 फीट ऊंची इस प्रतिमा की स्थापना के बाद कौशल्या माता मंदिर और चंदखुरी क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों, श्रद्धालुओं और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि प्रतिमा स्थापना के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
अगले महीने तय होगा शुभ मुहूर्त
मंत्री राजेश अग्रवाल ने दो टूक कहा कि धार्मिक परंपराओं का पूरा सम्मान किया जाएगा और प्रतिमा स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का चयन पंडितों की सलाह से किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले महीने भगवान श्रीराम की यह भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पूरी भव्यता के साथ स्थापित की जाएगी।
अब प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं की निगाहें अगले महीने पर टिकी हैं, जब छत्तीसगढ़ के भांजे भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा कौशल्या माता मंदिर परिसर में स्थापित होकर राज्य की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगी।
