कोरबा जिले में धान खरीदी व्यवस्था की अव्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। धान ना बिकने और टोकन न मिलने से परेशान एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत अस्पताल पहुंची और किसान से मुलाकात कर उसकी स्थिति जानी।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कोरबी धतूरा निवासी किसान सुमेर सिंह गोंड के पास 3 एकड़ 75 डिसमिल जमीन है। किसान का आरोप है कि नॉनबिर्रा धान खरीदी केंद्र में उसका टोकन लंबे समय से नहीं काटा जा रहा, जबकि पिछले डेढ़ महीने से पंजीयन पूरा होने के बावजूद उसे धान बेचने का मौका नहीं दिया गया। लगातार परेशान और निराश होकर उसने जहर सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया।
सांसद ने सरकार पर साधा निशाना :
अस्पताल पहुंची सांसद ज्योत्सना महंत ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा—
“प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय स्वयं आदिवासी नेता हैं, फिर भी एक आदिवासी किसान के साथ न्याय न होना बेहद चिंताजनक है। किसानों की ऐसी हालत सरकार की नीतियों पर बड़ा सवाल है।”
फिलहाल किसान का इलाज जारी है, डॉक्टर लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घटना के बाद धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं और किसानों में रोष दिखाई दे रहा है।
