हमर लैब योजना में करोड़ों की गड़बड़ी का खुलासा
रायपुर।
पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए CGMSC घोटाले मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले दुर्ग स्थित मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा समेत पांच लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों में रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा.लि., पंचकुला के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, श्री शारदा इंडस्ट्रीज रायपुर के प्रोप्राइटर राकेश जैन और रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स के लाइजनर प्रिंस जैन (शशांक चोपड़ा का जीजा) शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन तीनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था।
ACB की पूछताछ में खुलासा हुआ कि राज्य में आम जनता को मुफ्त जांच सुविधा देने के लिए चलाई जा रही “हमर लैब” योजना के तहत मेडिकल उपकरणों और रिएजेंट्स की खरीदी में भारी गड़बड़ी की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में मोक्षित कॉरपोरेशन को लाभ पहुंचाने के लिए रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने आपसी मिलीभगत कर प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया और कार्टेल बनाकर एक जैसे पैटर्न में टेंडर भरे।
ACB अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व बड़े खुलासे संभव हैं।
