रायपुर, 22 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार 31 मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने के संकल्प पर अडिग है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों में लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं और इसका प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने तेलंगाना में शीर्ष माओवादी नेताओं के आत्मसमर्पण को नक्सली आंदोलन की कमर तोड़ने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा कि दशकों से हिंसा का रास्ता अपनाने वाले लोग अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है।
उन्होंने जानकारी दी कि तेलंगाना पुलिस के समक्ष जिन बड़े नेताओं ने आत्मसमर्पण किया है, उनमें देवजी (तिप्पिरी तिरुपति) शामिल हैं, जो पूर्व महासचिव बसवराजु के बाद संगठन के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता माने जाते थे। इसके अलावा मल्ला राजु रेड्डी उर्फ संग्राम, जो छत्तीसगढ़ के गढ़चिरौली और अबूझमाड़ (नारायणपुर) क्षेत्र में सक्रिय रहा है, ने भी हथियार डाले हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि करीगुट्टालु के दुर्गम क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने अब तक 89 बारूदी सुरंगें बरामद कर नष्ट की हैं। जनवरी 2024 से अब तक 532 नक्सली मारे गए हैं, जबकि 2,700 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही है। शीर्ष नेतृत्व में अब गिने-चुने बुजुर्ग ही शेष हैं, जिनकी सक्रियता नगण्य है। सरकार 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुकी है।
