रायपुर में पेमेंट गेट-वे से चलता था सट्टा साम्राज्य, अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़


दुबई कनेक्शन, गोवा में ऑफिस, 431 म्यूल खातों से करोड़ों का ट्रांजैक्शन


रायपुर। राजधानी में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और न्यू राजेन्द्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पेमेंट गेट-वे पैनल चलाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह सट्टा पैनल के साथ-साथ पेमेंट गेट-वे पैनल का संचालन कर देश-विदेश में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की रकम का लेन-देन कर रहा था।


कार्रवाई में रायपुर से 2 और गोवा से 5 सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 लैपटॉप, 1 टैब, 58 मोबाइल/आईफोन, 12 एटीएम कार्ड, 3 राउटर, 4 पासबुक, 24,600 रुपये नगद और एक बलेनो कार जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 22.14 लाख रुपये आंकी गई है।


दुबई से लौटे, भारत में जमाया गेट-वे का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रतीक कुमार वीधवानी और सैन्की देवड़ा हाल ही में दुबई से लौटे थे और पेमेंट गेट-वे का संचालन संभाल रहे थे। दोनों पूर्व में सट्टा संचालन के मामले में जेल भी जा चुके हैं।


आरोपी भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में संचालित क्रिकेट सट्टा पैनलों की रकम के ट्रांजैक्शन के लिए नया गेट-वे पैनल तैयार कर रहे थे। इसके लिए गोवा में किराए का मकान लेकर बाकायदा ऑफिस सेटअप बनाया गया था।


431 म्यूल खाते, करोड़ों का खेल
गिरोह द्वारा सट्टे की रकम के लेन-देन के लिए 431 म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था। व्हाट्सएप ग्रुप “जयदेव ग्रुप” और “जेएमके ग्रुप” के जरिए मास्टर आईडी बांटकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाया जा रहा था।


जांच में अब तक 46,500 यूएसडीटी (लगभग 42 लाख रुपये) क्रिप्टो वॉलेट के जरिए पैनल संचालकों तक पहुंचाए जाने का खुलासा हुआ है।

पुलिस को करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन की जानकारी भी मिली है, जिसकी जांच जारी है। सट्टे की रकम क्रिप्टो करेंसी/यूएसडीटी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पैनलों तक भेजी जा रही थी।


तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता
25 फरवरी 2026 को मुक्तिधाम के पास एक चारपहिया वाहन में ऑनलाइन सट्टा संचालित होने की सूचना पर कार्रवाई शुरू हुई। वाहन से पकड़े गए दो आरोपियों से पूछताछ के बाद गोवा में रेड की गई, जहां पूरा नेटवर्क संचालित होता मिला।


डीसीपी क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और डीसीपी वेस्ट जोन संदीप पटेल के निर्देशन में सतत मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण के जरिए यह बड़ी सफलता मिली।


पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आईडी लेकर ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की भी पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


2026 में अब तक 22 आरोपी गिरफ्तार
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में अब तक एसीसीयू की टीम ने ऑनलाइन सट्टे के 5 प्रकरणों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2.14 करोड़ रुपये से अधिक का मशरूका जब्त किया है।


राजधानी में पेमेंट गेट-वे के जरिए सट्टा संचालन का यह खुलासा साइबर अपराध की बदलती रणनीति और पुलिस की तकनीकी सतर्कता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

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