रायपुर, 15 अप्रैल। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए। कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसके प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा महिलाओं के नाम पर भूमि पंजीयन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, सैनिकों के लिए स्टाम्प शुल्क में राहत, खनन नियमों में संशोधन और पशुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
UCC लागू करने की दिशा में समिति का गठन
मंत्रिपरिषद ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड के प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Ranjana Prakash Desai की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति में अन्य सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
राज्य में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण जैसे पारिवारिक मामलों में अलग-अलग धर्मों के आधार पर विभिन्न पर्सनल लॉ लागू हैं। ऐसे में अलग-अलग कानूनों के कारण न्यायिक प्रक्रिया में असमानता और जटिलता उत्पन्न होती है। संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है।
प्रस्तावित समिति नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विधि विशेषज्ञों से सुझाव लेकर UCC का मसौदा तैयार करेगी। इसके लिए वेब पोर्टल के माध्यम से भी सुझाव आमंत्रित किए जा सकते हैं। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
महिलाओं को संपत्ति पंजीयन में बड़ी राहत
कैबिनेट ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। सरकार के अनुसार इस निर्णय से राज्य को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
सैनिकों और उनके परिवारों को स्टाम्प शुल्क में छूट
राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राहत देने के लिए कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि सैनिकों का जीवन निरंतर स्थानांतरण और अस्थिरता से जुड़ा होता है, इसलिए यह निर्णय उन्हें स्थायी निवास के लिए संपत्ति खरीदने में आर्थिक राहत देगा।
औद्योगिक भूमि नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस संशोधन के तहत सेवा क्षेत्र को भूमि आवंटन के लिए स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी और भूमि आवंटन की न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा में तार्किक संतुलन स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा लैंड बैंक के भूखंडों के लिए एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है तथा NBFC सहित वित्तीय संस्थानों को शामिल करने से उद्योगों को ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश और औद्योगिक अवसंरचना विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेत खनन व्यवस्था में बदलाव
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत अब केंद्र या राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे रेत आपूर्ति में एकाधिकार की स्थिति खत्म होगी और दुर्गम क्षेत्रों में भी रेत की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।
अवैध खनन पर सख्ती
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में भी व्यापक संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत बंद या निष्क्रिय पड़ी खदानों के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं। 30 वर्षों के बाद अनिवार्य भाटक दर में वृद्धि की गई है और लंबे समय तक बंद रहने वाली खदानों को लैप्स घोषित करने का प्रावधान जोड़ा गया है।
अवैध खनन, परिवहन या भंडारण पर 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान पूरे प्रदेश में एक समान लागू किए जाएंगे।
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए फैसले
कैबिनेट ने दुधारू पशु प्रदाय पायलट प्रोजेक्ट योजना में संशोधन करते हुए इसे सभी सामाजिक वर्गों के हितग्राहियों के लिए लागू करने की मंजूरी दी है। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी वर्गों को लाभ मिलेगा और स्वरोजगार तथा आय में वृद्धि होगी।
इसके अलावा पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए आवश्यक टीकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से सीधे टीकों की खरीदी करने की अनुमति दी गई है।
मध्यप्रदेश से पेंशन भुगतान की राशि वापसी
मंत्रिपरिषद ने एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्वों के विभाजन से जुड़े मामले में 10,536 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति बनी है।
इसमें से 2,000 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पहले ही दे दिए गए हैं, जबकि शेष 8,536 करोड़ रुपये आगामी छह वार्षिक किश्तों में दिए जाएंगे।
उर्वरक और LPG की उपलब्धता की समीक्षा
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और राज्य में LPG गैस की आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
