रायपुर, 15 मई। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और विकास को नई दिशा देने के लिए “विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम 2025” लागू करने की घोषणा की है। यह नई व्यवस्था आगामी 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी होगी और वर्तमान मनरेगा योजना का स्थान लेगी।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए वर्ष 2026-27 में 95 हजार 692 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया है। राज्यों के अंशदान सहित कुल खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इसे ग्रामीण समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना को पारदर्शिता के साथ लागू करेगी।
नई व्यवस्था में मजदूरी का भुगतान DBT के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में किया जाएगा। भुगतान 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। देरी होने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी मिलेगी। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।
योजना में ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार दिए गए हैं। पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार जल संरक्षण, कृषि अधोसंरचना और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों का चयन कर सकेंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मनरेगा जॉब कार्ड फिलहाल मान्य रहेंगे। 30 जून 2026 तक चल रहे सभी कार्य जारी रहेंगे और 1 जुलाई से स्वतः नई व्यवस्था में शामिल हो जाएंगे।
