मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान में 34.29 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच, एनॉलॉग पनीर पर सख्त प्रतिबंध के निर्देश
रायपुर, 30 जुलाई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य मलेरिया से एक भी मृत्यु नहीं होने देना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि रणनीतिक प्रयासों से बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत तथा राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 हो गया है।
रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान में मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार शुरू किया गया। 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की गई।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव हुए हैं। वहीं 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस शुरू होने से जनवरी 2024 से जून 2026 तक 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मिली हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि HLL Lifecare Limited के सहयोग से 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
