तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज में कराया गया था भर्ती, उपचार के दौरान तोड़ा दम
अंबिकापुर। भाभी की हत्या के आरोप में अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन बंदी गोपी यादव की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बीती रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बंदी की मौत के बाद जेल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर 2025 को गोपी यादव पर अपनी भाभी सोनमतिया की टांगी से हमला कर हत्या करने का आरोप लगा था। घटना के बाद गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और कार्रवाई के बाद उसे 31 अक्टूबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर अंबिकापुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।
जेल में निरुद्ध रहने के दौरान गोपी यादव की तबीयत बिगड़ गई। हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन बीती रात उसकी मौत हो गई।
विचाराधीन बंदी की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नियमानुसार मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम समेत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब मामले में बंदी की बीमारी, उपचार और मौत से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।
