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बड़ी लापरवाही, टैंकरो से परोस रहे बीमारी, हजारों लोगों की जान को खतरा

रिपोर्ट / रवि कुमार / 09630308757

कोरिया / जिले के नगर निगम सहीत 3 नगर पालिक और 3 नगर पंचायत शहर और कस्बे में बीमारी परोस रही है। वह भी पानी के जरीए। वजह हैं निगम और नगर पालिको के जंग लगें टैंकर, जिन्हें बरसो से नगर प्रशासन ने साफ नही कराया। नगर प्रशासन की इस लापरवही के चलते जिले के हजारों लोगों की जान खतरे में है।
नगर प्रशासन लंबे समय से शहर में जंग लगे टैंकरो से पीने का पानी सप्लाई करने के नाम पर लोगों को बीमारी परोस रही है। जिले में नगर निगम सहीत 3 नगर पालिक और 3 नगर पंचायतों में लगभग 200 से अधिक टैंकर है। इनमें से ज्यादातर 5 से 10 साल पुराने है। पुरानी टैंकरो का देखभाल नहीं होने की वजह से उनमें जंग लग गए है। विष्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पानी सप्लाई के लिए टैंकरों का मानक तय किया है, लेकिन जिले में इन मानक का पालन नहीं किया जा रहा है। जंग लगे टैंकरों से पानी पीने पर शहरवासीयों को बीमारों का खतरा है। बावजूद इसके अधिकारीयों को कोई लेना देना नहीं है।

8f2fb9e4-149d-4477-9da7-a92f79b7e339जिले के नगर प्रशासन के पास 95 टैंकर लगभग 10 साल पुराने
जिले के नगर प्रशासन के पास पानी सप्लाई के लिए वर्तमान में 200 से अधिक टैंकर है, जिसमें से 50 टैंकरो को 2005 में लाया गया था। इससे पहले के करीब 75 टैंकर और भी पुराने है। 50 से टैंकर करीब 8 से 10 साल पुराने हो चुके है, जिससे अधिकांष टैंकर जंग खाकर कंउम होने लगें है। इनमे जगह-जगह छेद हो चुुका है। इस कारण से पानी व्यर्थ बहता है। इसके अलावा कई टैंकरो के टायर पुरी तहर खराब हो चुके है।

रास्ते में खाली हो जाते है टैंकर
नगर प्रशासन के टैंकरो की जिम्मेदारी है कि वे पूरे टैंकर भर वार्डो तक पानी पहुंचाएं, लेकिन वार्डो तक आधे टैंकर पानी ही पहुंच रहै है। ये टैंकर इतने जर्जर हो चुके है कि इसमें जगह-जगह छेद है। वहीं टैंकरो की टोटीयां भी गायब है। ऐसे में अधिकतम पानी फालतू बह जाता है। इस वजह से वार्डो तक आधे भरे टैकर ही पंहुच पाते है। इस तरह नगर प्रशासन के जिम्मेदारों की बेपरवाही के कारण रोजना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह जाते है। गर्मी के दिनों में तो प्रति खेप के साथ बर्बादी का आंकड़ा भी बढ़ रहा जाता है।

आइल पेंट से खाना पूर्ति
मिली जानकारी के आनुसार पानी टैंकरो में जंग रोकने के लिए नगर प्रशासन के कर्मचारी आइल पेंट का इस्तेमाल करते है। जबकि पेंट से कुछ दिनों तक ही जंग रोकी जा सकती है। पेंट पानी के कारण जल्द ही उखड़ जाते है। इस तरह नगर प्रशासन विष्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देषों को किनारेे करते हुए स्टील कंटेनर का इस्तेमाल करने के बजाय खराब टैंकरो से पानी दे रहा है। वहीं जिम्मेदारों को यह भी जानकारी नहीं है कि खराब टैंकरो से नगर में पानी का सप्लाई किया जा रहा है।

603052de-5bb8-425b-9680-a742ba62ab76एक्सपर्ट व्यु
डाॅ0 एस0एन0चावड़ा / जग लगे टैंकर सेे पानी में आयरन की आर्द्रया बनती है। इससे पेट दर्द व उल्टी होन की संभावना रहती है। ऐसे पानी के उपयोग से डायारीया होने का खतरा बना रहता है और अगर आयरन की मात्रा खुन में बड़ता है तो खुन संबंधीत अनेक रोग होने की संभावना बड़ जाता है। विष्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी लोहे के टैंकर से पानी की सप्लाई ना करने की सालाह दी है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी मेसराम टेकाम /
विभाग के द्वारा सभी टैंकरो में रबर पेन्ट करा दिया है। और जो बचे हैं उनमें भी करा दिया जायेगा। रही बात विष्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की शर्तो का तो पूूरे देष मे पालन ही होता और उनके हिसाब से प्रमरागत जल स्त्रौत का भी पानी सही नही है।

आयुक्त नगर पालिक निगम चिरमिरी हिमांशु तिवारी /
जंग लगें टैंकर में अगर पानी की सप्लाई कराई जा रही है। तो तत्काल उसे बंद कराने का आदेष जारी किया जाएगा। और अगर टैंकर में जंग लगे है तो उसमें आक्साईट पेन्ट करा कर ही पानी की सप्लाई कराई जाऐगी ।

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