रक्त दान महादान….रक्त दान पूजा समान… वगैरह. आमतौर पर इस तरह के नारे और स्लोगन सुनने को मिल ही जाते हैं पर आखिर रक्तदान इतना जरुरी है या ऐसे ही? आज इस विषय पर गहन विचार की जरुरत हैl
इसमें कोई दो राय नहीं कि रक्त का कोई दूसरा विकल्प नहीं है यानी यह किसी फैक्ट्री में नहीं बनता और ना ही इंसान को जानवर का खून दिया जा सकता हैl यानी रक्त बहुत ज्यादा कीमती हैl रक्त की मांग दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, परंतु जागरुकता ना होने की वजह से लोग देने से हिचकिचाते हैंl
ज्याददातर लोग सोचते हैं-
इतने लोग रक्त दान कर रहे हैं तो मुझे क्या जरुरत पड़ी है… या भई, मेरा ब्लड ग्रुप तो बहुत आम है, ये तो किसी का भी होगा, तो मैं ही क्यों दान करुँl अब उनकी यह सोच सही इसलिए नहीं क्यों कि कि आम ब्लड होने के कारण उस समूह के रोगी भी तो ज्यादा आते होगें. यानि उस ग्रुप की मांग भी उतनी ही ज्यादा होगीl या फिर कई लोग यह सोचते है कि भाई, मेरा ग्रुप तो रेयर है, यानी खास है तो मैं तब ही रक्तो दूंगा जब जरुरत होगीl ऐसे में तो यही बात सामने आती है कि आपका रक्त चाहे आम हो या खास. हर तीन महीने यानी 90 दिन बाद दान देना ही चाहिए. हमारा शरीर 24 घंटे में तरल पदार्थ का पूर्ति कर लेता हैl
अब बात आती है कि जब जरुरत होगी तभी देंगे, सही नही है. मरीज कब तक आपका इंतजार करेगाl हो सकता है कि आप तक खबर ही ना पहुँच पाए या आप ही समय पर ना पहुँच पाए तो आप दोषी किसे मानोगे. दूसरी बात यह भी है कि बेशक आप लगातार रक्त देते हो पर जब भी आपने रक्त दान करना होता है आपका सारा चैकअप दोबारा होता है उसमे कई बार समय भी लग जाता हैl इस इंतजार में तो ना ही रहें कि जब जरुरत होगी तभी ही देने जाएगेंl
वैसे स्वैच्छिक रक्त दान यानी जो रक्तदान अपनी मर्जी से किया जाए उसी को सुरक्षित माना जाता है क्योकि इन मे रक्त संचरण जनित सक्रंमण ना के बराबर होता हैl यह भी बात आती है कि रक्तदान किसलिए करें तो स्वस्थ लोगो का नैतिक फर्ज है कि बिना किसी स्वार्थ के मानव की भलाई करेंl अगर हमारे रक्त से किसी की जान बच सकती है तो हमे गर्व होना चाहिए कि हमने नेक काम किया है और अब तो विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली कि एक जने का दिया गया खून तीन जिंदगियां भी बचा सकता है l
तो क्या सोच रहे है आप –
अगर आप 18 से 65 साल के बीच में हैं और आपका हीमोग्लोबिन 12.5 है और आपका वजन 45 किलो से ज्यादा है तो आप निकट के ब्लड बैंक मे जाकर और जानकारी लेकर रक्तदान कर सकते हैंl
सच, जिस काम मे किसी का भला होता हो किसी की जान बचती हो उस काम से कदम पीछे नही हटाना चाहिए. हमें तो रक्तदान के लिए किसी ने कहा ही नही इसलिए हमने किया भी नहीं. ऐसे लोगों के लिए क्या जवाब हो सकता है आप बेहतर जान सकते हैं, यहां पर एक बात कहना उचित होगा कि ” जब जागो तभी सवेरा”
बड़ी विडंबना –
सभ्यता के विकास की दौड़ में मनुष्य भले ही कितना आगे निकल जाए, पर जरूरत पड़ने पर आज भी एक मनुष्य दूसरे को अपना रक्त देने में हिचकिचाता है। रक्तदान के प्रति जागरूकता लाने की तमाम कोशिशों के बावजूद मनुष्य को मनुष्य का खून खरीदना ही पड़ता है। इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है कि कई दुर्घटनाओं में रक्त की समय पर आपूर्ति न होने के कारण लोग असमय मौत के मुँह में चले जाते हैं।
5 फायदे, रक्तदान के आप भी जानें
कोई भी इंसान बिना सुपरमैन या स्पाइडरमैन बने तीन लोगों की जान बचा सकता है। इसके लिए उसे थोड़ा सा वक्त और थोड़ा सा रक्त देना होगा। यह रास्ता इंसान को महान बनाने का शॉर्ट कट होने के अलावा और भी कई फायदे देता है। ब्लड डोनेट करने से होने वाले 5 लाभ आपको हम बताते हैं।
01 – कैंसर का खतरा कम होता है – खून में आयरन की अधिकता कैंसर के रिस्क को बढ़ाती है, यह बात डॉक्टर लंबे अर्से से कहते आ रहे हैं। एक बार रक्तदान करने से एक ग्राम के चौथे हिस्से के बराबर आयरन शरीर से कम हो जाता है। शुरू में आपको लग सकता है कि इससे तो आयरन की कमी हो जाएगी और कमजोरी या चक्कर वगैरा आने लगेगा, मगर ऐसा नहीं है। अगर आयरन कम है तो फिर बन जाएगा और ज्यादा है तो आपको चिंता करने की जरूरत ही नहीं।
02 – कैलारी खर्च करें – एक बार खून देने पर आप तकरीबन 650 कैलोरी खर्च कर देते हैं। जो लोग वेट कम करने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें तो इस बात से दोहरी खुशी होगी। अगर आप स्वस्थ हैं तो हर तीन माह में रक्तदान कर सकते हैं।
03 -ब्लड फ्लो सुधरता है – क्या आप जानते हैं कि धुआं, सिगरेट, हाई कॉलेस्ट्रॉल डाइट, स्ट्रेस वगैरा आपके खून के साथ क्या करते हैं? ये खून को गाढ़ा बना देते हैं। इससे शरीर में खून का प्रवाह (ब्लड फ्लो) सामान्य नहीं रह जाता। इसके अलावा खून के गाढ़ा होने के चलते ऑक्सीजन आपके टिश्यू (ऊतकों) तक वाजिब मात्रा में नहीं पहुंच पाती। रेगुलर ब्लड डोनेट करने से इसका फ्लो बेहतर करने में मदद मिलती है और धमनियों (आर्टरीज) के जाम होने का रिस्क भी कम हो जाता है।
04 – फ्री में चेकअप – आप रक्तदान तभी कर सकते हैं, जब आप फिट हों। खून लेने से पहले दान करने वाले की कई तरह की जांच की जाती है। अगर आप प्लेटलेट्स दे रहे हों तो ढेरों टेस्ट होते हैं। यही टेस्ट आप बाहर कराएंगे तो इस पर काफी खर्च होगा।
05 – फील करें महान – रक्तदान हमें गर्व महसूस करने का मौका देता है। आपका खून तीन लोगों के काम आता है। यह बड़ा काम है और यकीनन इसके लिए आपको छाती चौड़ी करनी चाहिए। इस तनाव भरी लाइफस्टाइल में यह अच्छा महसूस करने का एक मौका है।
