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उपस्वास्थ्य केन्द्र बाड़ागांव में एक ही दिन में जन्में 5 शिशु, ANM की देखरेख में सभी महिलाओ का हुआ सुरक्षित प्रसव

रिपोर्ट – विजय शर्मा
** ANM कौशल्या मंडावी स्वयं 50 % विकलांग है और उत्कृष्ठ कर्मचारी का वेस्ट ऑफ 2018 अवार्ड से नवाजा गया है

कोंडागाँव / बड़े राजपुर के बाडागांव में पदस्य ए.एन.एम कौशल्या मंडावी जो की खुद पैरों से 50 प्रतिशत विकलांग है। मगर सेवा भाव अगर किसी को देखना हो तो उनके लिए यह मिशाल है। ये नर्स कौशल्या मंडावी जो दिन रात गर्भवती महिलओं की सेवा में ही अपना समय गुजार देती है। यही कारण है आसपास के गांव की गर्भवती महिलाएं सामुदायिक केंद्र ना जाकर बडागांव के इस उप स्वास्थ्य केन्द्र में कौशल्या के पास डिलवरी करवाने आती है। अपने व्यवहार और सेवा भाव के चलते पूरे क्षेत्र में लोकप्रिय है कौशल्या।

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इस सेवा भावी नर्स उसके कार्यो को देख जिला प्रशासन ने 26 जनवरी को उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिये वर्ष 2018 वेस्ट ऑफ वेस्ट कर्मचारी के आवर्ड से नवाजा गया है।

आपको बता दे कि कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड बड़े राजपुर अंतर्गत उपस्वास्थ्य केन्द्र बाड़ागांव में 5 शिशुओ की किलकारियां गुंजी और परिजनो एंव अस्पताल के स्टॉफ में खुशी छा गया। संभवत इस स्वास्थ्य केन्द्र की यह प्रथम घटना थी कि एक ही दिन 5 स्वस्थ शिशु इस दुनिया में आये इनमें जुड़वा बच्चे भी शामिल थे। स्वास्थ्य केन्द्र की एएनएम श्रीमती कौशिल्या मण्डावी की देखरेख में सुदंरी बाई पति जगतेन्द्र (जुड़वा), नीना पति डाकेश्वर (1), अम्बिका नरोत्तम (1), राधिका पति सोनसाय (1) महिलाओ का सुरक्षित प्रसव सम्पन्न हुआ। उन्होने इस संबंध में बताया की उक्त सभी गर्भवती महिलाये स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती थी और वर्तमान मे सभी स्वस्थ है। उन्हे डिस्चार्ज भी किया जा चूका है।

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कौशल्या मंडावी नर्स :- मैं खुद विकलांग हूं, दूसरे के दर्द को समझ सकती हूं, अच्छा लगता हैं, लोग सामुदायिक स्वा. केन्द्र छोड़ उप स्वा. केन्द्र मेरे पास आती है। गर्भवर्ती मताएं मुझे वो अपने परिवार की सदस्य ही लगती है, मेरी खुशी दोगुनी हो गयी जब मुझे उत्कृष्ठ कर्मचारी का बेस्ट ऑफ बेस्ट 2018 अवार्ड से नवाजा गया ये मेरे जीवन की अनमोल धरोहर है।

कलेक्टर निलकंठ टेकाम :- काफी अच्छा कार्य कर रही है । एनएनएम कौषिल्या पूरे क्षेत्र में अपन निष्ठा पूर्ण कार्य सेवा भाव के लिये पहचान बनायी है। इसी वजह उन्हें बेस्ट आफ बेस्ट अवार्ड दिया गया है। बाकी कर्मचारियों के लिये प्रेरणा बन सकती है। कौषिल्या जो खुद विकलांग होकर सेवा दे रही है।

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