रायपुर / राज्य सरकार के द्वारा सरकारी शराब दुकानों में अधिक बिक्री करने वाले कर्मचारियों को और अधिक बिक्री करने प्रोत्साहित करने के लिए इनाम देने की योजना बनाई है इसका कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया है। इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इसे भारत माता के नाम से बनाई वाहिनी का अपमान करार दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लेने वाले रमन सिंह अब 2018 में सरकार के जाते-जाते राज्य के गली-गली, मोहल्लों तक शराब को पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है। यही वजह है कि शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने के बजाय शराब के अधिक बिक्री करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन बतौर ईनाम दे रही है। रमन सरकार भारतीय जनता पार्टी शराब से कमाई का मोह छोड़ नही पा रही है। सरकार को शराब की बिक्री से मिलने वाली बेतहाशा राजस्व औऱ शराब निर्माता के द्वारा शराब बिक्री के एवज में भाजपा को दिए जाने वाला कमीशन से छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता के लिए घातक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 60 लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने में फेल हो चुके रमन सिंह सरकार की विफलताओं को छुपाने उन्हें नशा की ओर ढ़केल रही है। इसके लिये घर-घर शराब कैसे पहुंचे? इस योजना में काम कर रही है। वही शराब के खिलाफ उठ रहे जन आवाज को दबाने गांव-गांव में नशा मुक्ति अभियान चलाने भारत माता वाहिनी का गठन कर महिलाओं के भावनाओ के साथ खिलवाड़ कर रही है।
राज्य के आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल को शराब की बिक्री बढ़ाने में महारथ हासिल प्राप्त है क्योंकि मंत्री बनने से पहले शराब कारोबार से उनका सीधा सरोकार रहा है। उन्होंने राज्य सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी से शराब की कमाई का मोह छोड़कर राज्य की ढाई करोड़ जनता के हित में किसान, महिलाएं, मजदूर, युवा, छात्रों के हित में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने दृढ़ संकल्पित है इसके लिये राजनीतिक प्रस्ताव भी पास कर संकल्प लिया गया है। राज्य में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने पर शराबबंदी लागू करना हमारा पहला लक्ष्य है।
